रामगंगा के किनारे बंजर और कम उपजाऊ जमीन पर सर्किल रेट बढ़ने से दबंगों ने न केवल सस्ती लागत पर हजारों बीघा जमीन खरीदकर डाल दी है। हाल यह है कि दबंग यहां गरीब किसानों की जमीन पर भी कब्जा कर रहे हैं। दबंगों की दहशत से चार छह या दस बीघा जमीन जोतकर किसी तरह परिवार चलाने वाले किसान खेती छोड़ने को मजबूर होकर मजदूरी करने की हालत में आ गए हैं। इनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।
बदायूं रोड पर पुल पार करने के बाद रामगंगा नदी किनारे बसे गांव अखा, ढका, खजुहाई, गरऊ फरीदापुर, फत्तेपुर, रोंधी, दसीपुर आदि में बरेली, बदायूं के अलावा उत्तराखंड के रुद्रपुर, किच्छा और पंजाब के पूंजीपतियों ने आठ से 10 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से किसानों से सस्ती जमीनें खरीद लीं। लेखपाल और राजस्व अफसरों से मिलकर बंजर और कम उपजाऊ जमीनों के सर्किल चार से पांच गुना बढ़वा लिए। दो सौ से पांच सौ या इससे अधिक जमीनें खरीदने वाले पूंजीपतियों के अलावा आस-पास के अन्य दबंग भी अब गरीब किसानों की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं।
गरऊ खजुहाई के प्रधान ओमपाल सिंह का कहना है कि वह अपने एरिया के लेखपाल को 11 किसानों के शिकायती पत्र सौंप चुके हैं। इनकी जमीनों पर दूसरे लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। इनमें बहुत से किसान ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए अपनी जमीन देने से भी मना कर रहे हैं लेकिन लेखपाल ने इनके शिकायती पत्र अपने पास दबा लिए। अब न तो लेखपाल का फोन उठ रहा है और न ही लेखपाल ढूंढे मिल रहे। किसान जमीनों पर कब्जों और बीच जमीन ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए न देने पर अपनी बात कानून गो, नायब तहसीलदार और तहसीलदार तक भी पहुंचा चुके हैं लेकिन उनके प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई नहीं हो रही।