फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कितनी राशन किट बांटी गईं... होगी जांच

विज्ञापन
राशन किट तैयार करती महिलाएं (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

आपदा पोर्टल पर सभी तहसीलों को अपलोड करना है पूरा ब्योरा

बरेली। कोराना राहत सामग्री बांटने में कहीं घोटाला तो नहीं हुआ, इसकी जांच के लिए प्रशासन ने आपदा पोर्टल पर इसका पूरा रिकार्ड अपलोड करना शुरू कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि नोडल अफसरों से इसकी क्रास चेकिंग भी कराई जाने की तैयारी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि प्रवासी मजदूरों को क्वारंटीन करने के बाद कच्चे राशन की जो भी किटें दी जा रही है, उसका मैनुअल रिकार्ड भी है।
विज्ञापन

कोरोना महामारी के दौरान भुखमरी से जूझ मजदूरों को राशन की किटें उपलब्ध कराने के लिए चार मई को एक कंपनी को टेंडर दिया गया था। शेल्टर होम में 14 दिन तक क्वारंटीन होने वाले मजदूरों के लिए 1280 रुपये की लागत वाली राहत सामग्री की बड़ी किट हैं। इसमें आटा, चावल, दाल, आलू, तेल, मसाला सहित दो हफ्ते के लिए खाद्य सामग्री रहती है। इसी तरह सात दिन के लिए भी 595 रुपये वाली राशन किट का टेंडर हुआ है। शेल्टर होम से वापस घर भेजे जाते समय ये किटें दी जानी हैं। रिकार्ड के तहत सभी तहसीलों ने 2437 राशन की बड़ी किट और 3232 छोटी किटें बांटी जा चुकी हैं। प्रवासी मजदूरों को किटें बांटने में कहीं गड़बड़ी तो नहीं हो रही। इसके लिए राहत पोर्टल पर यह डिटेल अपलोड हो रही है कि किस तहसील ने कब, किसे और कितना राहत सामग्री का वितरण किया है। गड़बड़ी की आशंका पर इसी रिकार्ड के आधार पर राहत सामग्री वितरण की जांच भी हो सकती है।

‘राहत सामग्री का ब्योरा आपदा पोर्टल पर अपलोड हो रहा है। कोई चाहे तो इससे बाद में क्रास चेकिंग भी करा सकता है। -ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें