शासन ने मंजूरी दी तो 66 करोड़ 34 लाख 85 हजार 471 रुपये होंगे माफ
बरेली। हाउस टैक्स में ब्याज माफी के प्रस्ताव पर नगर निगम की बोर्ड बैठक में मुहर लगा दी गई। संस्तुति के लिए रविवार को शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। अगर शासन से भी इसे हरी झंडी मिल जाती है तो 66 करोड़ 34 लाख 85 हजार 471 रुपये का ब्याज माफ कर दिया जाएगा।
मेयर उमेश गौतम ने पिछली बोर्ड बैठक में हाउस टैक्स के ब्याज माफ ी का मुद्दा उठाया था। इसके बाद शासन को यह प्रस्ताव भेजा गया था। शासन ने प्रस्ताव पर नगर निगम बोर्ड की संस्तुति मांगी थी। शनिवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है। अब मंजूर हुए इस प्रस्ताव को शासन में भेज दिया गया है। 28 अगस्त को हुई बैठक में ब्याज माफ ी समाधान योजना को लागू करने के लिए पार्षद कपिलकांत प्रस्तावक और राजकुमार गुप्ता ने बतौर अनुमोदक प्रस्ताव रखा था। अगर शासन से मंजूरी मिलती है तो लोगों का 31 जनवरी 2022 तक का ब्याज माफ कर दिया जाएगा।
‘हमारा उद्देश्य नगर निगम सीमा क्षेत्र के करदाताओं को राहत पहुंचाने का है। बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। सभी सदस्यों ने इसे मंजूरी दे दी है। शासन से अनुमति मिलते ही सवा लाख करदाताआें को इससे राहत मिलेगी।’
- उमेश गौतम, मेयर
‘शासन के निर्देश पर बैठक बुलाई गई। एकमुश्त समाधान योजना लागू करने के लिए उचित बिंदुओं और प्रावधानों को तैयार कर सूचना भेज दी है।’
- अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
66 करोड़ से अधिक है ब्याज
आवासीय भवनों की कुल संख्या : 1,21,041
आवासीय भवनों पर 31 मार्च 2022 तक बकाया संपत्ति कर : 1,96,36,43,727 रुपये
आवासीय भवनों पर 31 मार्च 2022 तक बकाया ब्याज : 66,34,85,471 रुपये
एक मुश्त समाधान योजना को इस तरह समझें करदाता
शासन से अनुमति प्राप्त करने की तिथि से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 तक प्रभावी रहेंगे।
योजना का लाभ भवन स्वामी को बकाया कर का एकमुश्त राशि जमा करने पर दिया जाएगा। यदि किसी भवन स्वामी ने ब्याज की रकम जमा कर दी है तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
आवासीय भवनों के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार की संपत्ति जैसे व्यावसायिक, सरकारी, अर्ध सरकारी, चैरिटेबिल, ट्रस्ट, मिश्रित श्रेणी के भवन अर्थात जिसमें व्यावसायिक व आवासीय दोनों के रूप में प्रयोग हो रहा है, ऐसी संपत्तियों पर योजना लागू नहीं होगी।
ऐसे आवासीय भवन, जिनके स्वामियों द्वारा धारा 472 के तहत संपत्तियों कर की अपील समक्ष न्यायालय में दायर है तो ऐसी दशा में उनके द्वारा दायर याचिका को वापस लिए जाने के उपरांत ही एकमुश्त समाधान योजना का लाभ मिल सकेगा।