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अस्पतालों ने की महंगी ऑक्सीजन की शिकायत, एफएसडीए अफसर बोले- ये सरकार का रेट

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समीक्षा बैठक में हिस्सा लेते नोडल अफसर नवनीत सहगल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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समीक्षा बैठक में कोविड अस्पतालों के प्रबंधकों ने उठाया मामला
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सहगल के सामने पेश हुए एफएसडीए अफसरों ने कहा- सब ठीक

बरेली। दिल्ली हाईवे पर कोविड एल-2 अस्पताल में हुई समीक्षा बैठक में के दौरान निजी कोविड अस्पतालों की ओर से ऑक्सीजन सप्लायरों पर सिलिंडर की ज्यादा कीमत वसूल करने का मामला उठाया गया। नोडल अफ सर ने इस पर बैठक के तुरंत बाद सर्किट हाउस में एफएसडीए अफसरों को तलब कर लिया। उन्होंने बताया कि न ऑक्सीजन की कोई किल्लत है न कीमतों का कोई मुद्दा है। अस्पतालों को ऑक्सीजन की सप्लाई सामान्य ढंग से हो रही है।
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सर्किट हाउस में एफसएसडीए से पहुंचे विवेक कुमार और औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने बताया कि नई दरें लागू हो गई हैं। ऑक्सीजन सप्लाई की कोई दिक्कत नहीं है। औषधि निरीक्षकों ने बताया कि एनपीपीए ने ऑक्सीजन की मांग बढ़ने पर नए सिरे से दाम निर्धारित किए हैं। इसके तहत लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन यानी एलएमओ की कीमत 15.22 रुपए प्रति क्यूबिक मीटर और सिलिंडर में ऑक्सीजन इन्हेलेशन के लिए अधिकतम दर 25.71 रुपए प्रति क्यूबिक मीटर होगी। दोनों कीमत पर जीएसटी अलग से प्रभावी है। नोडल अफसर ने नई दरों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए। बता दें कि पिछले दिनों ऑक्सीजन सप्लायरों के अचानक दाम बढ़ाने पर काफी होहल्ला मचा था। एफएसडीए ने अशोका गैसेस सप्लायर के खिलाफ थाना सीबीगंज में मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसके बाद ऑक्सीजन उत्पादकों ने खुद सरकारी दर से भी ढाई रुपये कम में ऑक्सीजन रिफिलिंग का भरोसा दिलाया था। हालांकि लॉजिस्टिक खर्च पर कोई चर्चा नहीं हुई। अब सरकार ने फिर दरों को संशोधित कर दाम बढ़ा दिए हैं जो तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
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