बरेली। फरीदपुर नगर पालिका में तीन बार से सभासद ताजुद्दीन को जिला उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। चार मई को ही प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने उनको नामित किया था। इसका पत्र जिला कार्यकारिणी को मिलने के बाद बुधवार को मिशन कंपाउंड स्थित सपा कार्यालय पर उनको सम्मानित किया गया था। कार्यक्रम खत्म होते ही उनको पदमुक्त करने का पत्र आने के बाद विरोधी सवाल उठा रहे हैं।
चर्चा है कि 2023 में नगर पालिका चुनाव के दौरान गोली चलने के मामले में ताजुद्दीन का नाम आया था। दो बार से लगातार सभासद रहे ताजुद्दीन के खिलाफ एफआईआर भी हुई। पुलिस की सख्ती के बाद वह परिवार सहित फरीदपुर से ही दूर हो गए। हालांकि, इसके बाद भी तीसरी बार भी वह करीब 600 वोट से चुनाव जीत गए।
अब संगठन में जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी में ही उनका विरोधी खेमा सक्रिय हो गया। चर्चा है कि किसी ने गोलीकांड से संबंधित पुरानी खबरों की कटिंग लखनऊ में पार्टी हाईकमान को भेज दीं।
इन खबरों का संज्ञान लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने उनको पदमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, पत्र में उनको हटाए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया है।
जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप का कहना है कि ताजुद्दीन के अचानक पदमुक्त किए जाने का कारण मुझे नहीं पता है। उनको नामित किए जाने की सूचना मिलने पर सम्मान में कार्यक्रम रखा गया था। पूर्व विधायक वीरपाल सिंह ने बताया कि तीन बार से सभासद चुनाव जीत रहे ताजुद्दीन को इस तरह से पदमुक्त करना विरोधियों की साजिश का नतीजा है।
वहीं, ताजुद्दीन का कहना है कि संगठन के इस निर्णय को लेकर मैं अपना पक्ष भी प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखूंगा। गोली चलाने की एफआईआर झूठी थी। उस मामले में मुझे पहले ही क्लीनचिट मिल गई थी। ब्यूरो