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Bareilly: 10 हजार रुपये रिश्वत लेते होमगार्ड गिरफ्तार, बोला- कमांडेंट के कहने पर लिए रुपये; दोनों पर रिपोर्ट

Wed, 14 Feb 2024 11:13 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते होमगार्ड को गिरफ्तार किया। होमगार्ड की स्कूटी की डिक्की से 90 हजार रुपये बरामद हुए हैं। आरोपी के मुताबिक उसने कमांडेंट के कहने पर रुपये लिए थे। 
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आरोपी गौरव सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार दोपहर सेटेलाइट तिराहे से होमगार्ड को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। होमगार्ड ने बताया कि कमांडेंट के कहने पर उसने रुपये लिए थे। उसकी एक्टिवा की डिकी से भी 90 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में होमगार्ड इसका कोई हिसाब नहीं दे सका। आरोपी होमगार्ड गौरव सिंह व कमांडेंट शैलेंद्र प्रताप के खिलाफ बारादरी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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आंवला के आजमपुर गांव निवासी होमगार्ड सतीश चंद्र वर्मा ने बताया कि बीते दिनों बड़े भाई व पिता से उसका झगड़ा हो गया था। पिता ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इसके बाद तीन जनवरी को उसे ड्यूटी से हटा दिया गया था। पारिवारिक विवाद में पांच जनवरी को समझौता हो गया तो कमांडेंट शैलेंद्र प्रताप से मिलकर इसकी जानकारी दी। इसके बाद भी सतीश की ड्यूटी बहाल नहीं की गई। कमांडेंट ने कार्यालय में तैनात होमगार्ड गौरव सिंह से मिलकर उसे प्रार्थनापत्र देने के लिए कहा।

'साहब को कम से कम 30 हजार रुपये देने होंगे'
सतीश ने बताया कि जब वह गौरव सिंह से मिला तो उससे कहा गया कि साहब को कम से कम 30 हजार रुपये देने होंगे। एक-दो दिन में दस हजार रुपये लेकर आ जाओ। बाकी 20 हजार रुपये दो-चार दिन में दे देना। सतीश ने इसकी सूचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन को दी। मंगलवार दोपहर 12:30 बजे गौरव को रुपये लेने के लिए सेटेलाइट तिराहे पर बुलाया गया। यहां जैसे ही उसने रुपये लिए, एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने उसे दबोच लिया।

आरोपी गौरव को बारादरी थाने लाया गया। टीम ने गौरव की स्कूटी की तलाशी ली तो उसमें भी पांच-पांच सौ के नोट की दो गड्डियां मिलीं। इसमें एक में 100 व दूसरी में 80 नोट थे। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर आनंद कुमार वर्मा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गौरव को जेल भेज दिया गया है, जबकि कमांडेंट का निलंबन तय माना जा रहा है।
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2011 से होमगार्ड में है आरोपी गौरव 
जानकारी के मुताबिक आरोपी गौरव सिंह वर्ष 2011 से विभाग में है। शुरुआत में उसने तीन-चार साल होमगार्ड की ड्यूटी की थी। इसके बाद वह अधिकारियों का खास बन गया। ड्यूटी के नाम पर वह सिर्फ अधिकारियों के लिए ही काम करता था। विभाग में काफी समय से निलंबन और बहाली के नाम पर वसूली का खेल चल रहा था। 

मामूली बात का पेच फंसाकर होमगार्ड जवानों को पहले निलंबित किया जाता था, फिर गौरव बहाली का ठेका लेता था। इसके लिए मोटी रकम ली जाती थी। सतीश ने बताया कि 14 महीने पहले उसका एक सिपाही से झगड़ा हो गया था। तब उसे निलंबित कर दिया गया। उससे एक लाख रुपये मांगे गए। उसने 70 हजार रुपये गौरव को दिए थे, तब उसकी ड्यूटी बहाल हुई थी।
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