आरोपी कन्हैया गुलाटी और राजेश मौर्य
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बरेली के बारादरी थाने की पुलिस ने उत्तर प्रदेश सहित दिल्ली, बिहार और झारखंड के लोगों को चिट फंड कंपनियों में निवेश का झांसा देकर ढाई हजार करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपी कन्हैया गुलाटी और राजेश मौर्य की बी श्रेणी की हिस्ट्रीशीट खोली है। दोनों आरोपियों पर जिले के अलग-अलग थानों में 34-34 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों की जांच कर रही एसआईटी को तलब करके हाल ही में डीआईजी ने कार्रवाई का निर्देश दिया था।
एसएसपी ने बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय से कैनविज कंपनी के प्रबंध निदेशक कन्हैया गुलाटी के मामलों में पत्रावली तलब की थी। इसके बाद शुक्रवार रात दोनों आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई। गुलाटी से पहले राजेश मौर्य ने श्री गंगा इंफ्रासिटी चिटफंड कंपनी के जरिये शहरवासियों को 300 करोड़ रुपये का चूना लगाया था।
जेल में बंद है राजेश मार्य
बारादरी पुलिस ने राजेश मौर्य को एक बार गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। तब वह जमानत पर बाहर आ गया था। उसके बाद मई 2025 में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उसे गाजियाबाद से फिर गिरफ्तार किया था। वह इन दिनों जेल में बंद बताया जा रहा है। वहीं गुलाटी और उसके साथियों पर ठगी के कई मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले में पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जनता की मेहनत की कमाई को ठगने के आरोपी कन्हैया लाल गुलाटी व राजेश मौर्य की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। इन्हें शरण देने वाले या मददगार भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।