प्रधान ज्ञानो शर्मा, पंचायत सचिव अजय कुमार व शिप्रा सिंह ने मिलकर किया घपला
बरेली। मझगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुरुगांवा मुस्तकिल में कराए गए विकास कार्यों की जांच में घपलेबाजी की पुष्टि हुई है। जांच में पाया गया है कि प्रधान और पंचायत सचिव ने मिलकर 7.27 लाख रुपये का गबन किया है। डीएम ने प्रधान ज्ञानो शर्मा, पंचायत सचिव अजय कुमार और शिप्रा को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। दोनों सचिवों को नोटिस तामील कराने के आदेश एडीओ पंचायत को दिए गए हैं। शिप्रा सिंह अनिरुद्धपुर गोशाला मामले में पहले से ही निलंबित हैं।
गांव के तरुन सिंह व धर्मवीर सिंह की शिकायत पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के परियोजना निदेशक ने मामले की जांच की थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि गांव में सफाई कार्य वाली फाइल में शामिल दस्तावेजों में माप पुस्तिका एवं एस्टीमेट पर किसी के हस्ताक्षर नहीं हैं और 1.04 लाख का भुगतान दिखा दिया गया है। हैंडपंप मरम्मत वाली फाइल में माप पुस्तिका और एस्टीमेट शामिल नहीं हैं और 98,620 रुपये का भुगतान दिखाया गया है। आंबेडकर पार्क वाले तालाब के चारों ओर सफाई कार्य वाली फाइल में भी माप पुस्तिका और एस्टीमेट नहीं हैं और 75,310 रुपये का भुगतान दिखाया गया है। ग्राम पंचायत और मजरों में मिट्टी भराव कार्य में 2.40 लाख बिना माप पुस्तिका और एस्टीमेट के खर्च होना दिखाए गए हैं। संवाद
नाला बनाने में भी किया घपला
जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि मजरा गणेशपुर में दिव्यांग शौचालय की फाइल में 1,20,258 रुपये का एस्टीमेट शामिल है। इसमें 1.18 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन काम अभी तक अधूरा ही है। गौटिया वाले नाले के निर्माण में 56,350 रुपये और गणेशपुर तिराहे पर ईंट के रोड़े भरवाने में घपला किया गया है। देव स्थान से तालाब तक नाला बनाने में भी 40,150 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है।