बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित, डॉक्टर भी कोविड नियमों के पालन पर दे रहे जोर
बरेली। प्राइमरी कक्षाओं के लिए बुधवार से स्कूल खुल रहे हैं मगर अभिभावक कोरोना से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अभिभावक समिति ने इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन कोे पत्र लिखकर स्कूल खोलने के साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं भी चलाने की मांग की है। जीआरएम स्कूल ने इस संबंध में उन्हें आश्वासन भी दे दिया है मगर स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि वे इस संबंध में बैठक करेंगे।
रुहेलखंड अभिभावक समिति के प्रदेश महामंत्री विशाल मेहरोत्रा ने मंगलवार को इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष पारुष अरोड़ा को पत्र लिखा। कहा कि भले स्कूल में भौतिक रूप से संचालन के आदेश हो गए हों लेकिन तीसरी लहर की आशंका को देखते बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक अभी भी चिंतित हैं। वे बच्चों को स्कूल भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसे में अभी ऑनलाइन कक्षाएं चलनी जरूरी हैं। मगर ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद अधिकतर स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाआें का संचालन बंद कर दिया है। इससे बच्चों को पढ़ाई में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में उन बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए ऑनलाइन कक्षाआें का संचालन जारी रखा जाए। इस पर इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष पारुष अरोड़ा का कहना है कि स्कूलों में अब भी ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन हो रहा है। फिर भी इस पर स्कूलों के साथ एक बैठक करेंगे। किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
स्कूल के फार्म भरवाने से अभिभावकाें को दिक्कत
स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई तो शुरू हो गई है। स्कूल प्रबंधन कोविड गाइड लाइन के तहत पढ़ाई के दावे भी कर रहे हैं लेकिन साथ अभिभावकों से एक फार्म भी भरवा रहे हैं। इसमें अभिभावक को लिखकर देना होगा कि कोविड होने की स्थिति में स्कूल की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। अभिभावक खुद की जिम्मेदारी पर बच्चों को स्कूल भेजें। इसके चलते ही अभिभावक डरे हुए हैं। उनका कहना है कि जब वे लोग यह फार्म भरकर दे देंगे तो स्कूल अपनी जिम्मेदारी से बच जाएगा।
ऑनलाइन कक्षा में जवाब नहीं दे रहे शिक्षक
कक्षा छह से इंटरमीडिएट तक ऑफलाइन कक्षाएं संचालित हो रही है। इसमें अब भी कई बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। वह ऑनलाइन पढ़ाई ही कर रहे हैं। कुछ बच्चों का कहना है कि जब से स्कूल खुला है। शिक्षकाें ने ऑनलाइन क्लास में लापरवाही शुरू कर दी है। उनके सवालों के ठीक से जवाब तक नहीं दिए जाते हैं। उनसे कहा जाता है कि जब बाकी बच्चे आ रहे हैं तो तुम्हें आने में क्या दिक्कत है।