बरेली। डेंगू से बचाव के उपाय अब स्कूलों में शिक्षक बताएंगे। इसके लिए स्कूलों में बच्चों को शिक्षित करने की योजना बनाई गई है। प्रत्येक प्राइमरी स्कूल में एक-एक शिक्षक अतिरिक्त क्लास लेकर बच्चों को डेंगू से बचाव के उपाय के बारे में बताएंगे। प्रार्थना सभा में भी इसके लक्षण और उपायों के बारे में बताया जाएगा। शासन को उम्मीद है कि बच्चों को शिक्षित करने से पूरा परिवार डेंगू की मार से बच सकेगा। इसके लिए शासन द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में डेंगू का कहर है, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक डेंगू के मरीजाें की संख्या करीब दो पहुंच रही है। कई लोगों की इसके चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है, उसके बाद शासन को लोगों को जागरुक करने का ख्याल आया। अब विद्यालयों में प्रार्थना सभा में ही बच्चों को इसके लिए जागरुक किया जाएगा।
बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने बताया कि शिक्षक डेंगू होने का कारण, बचाव के उपाय आदि जानकारियां देंगे। यदि स्कूल का कोई बच्चा बुखार से पीड़ित है तो इसके बारे में शिक्षक की जिम्मेदारी होगी कि वह उसकी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपे। साथ ही बच्चों को डेंगू-मलेरिया मच्छर के पैदा होने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा बच्चों को सिखाया जाएगा कि कैसे डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
नाटक-संगोष्ठी के माध्यम से करेंगे लोगों को जागरूक
शासन के आदेशानुसार स्कूलों में बच्चों द्वारा नाटक व संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान नाटकों को डेंगू से बचाव के तौर-तरीके की थीम पर तैयार किया जाएगा। उम्मीद है कि जब छोटे बच्चे डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी के बारे में जान लेंगे तो वह अपने परिवारीजनों को भी इससे अवगत करा सकेंगे।