बरेली। आधुनिक जीवन शैली में अव्यवस्थित खान पान, नशे की लत, देर रात सोना और बढ़ते जा रहा तनाव लोगों को ब्लडप्रेशन का मरीज बना रहा है। आंकड़ों के मुताबिक शहर में करीब 40 फीसदी युवा किडनी रोग से ग्रसित हैं लेकिन इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। क्योेंकि 95 फीसद किडनी डैमेज होने के बाद ही इसके लक्षण दिखाई देते हैं। यह जानकारी एक होटल में आयोजित आईएमए सीएमई के दौरान डॉ. सुदीप सरन ने दी।
डॉ. सरन ने बताया कि शहरवासी अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग नहीं है। वेस्टर्न कल्चर को तेजी से अपना रहे लोग इसके अन्य तथ्यों से रूबरू नहीं हैं। क्योंकि वेस्टर्न कल्चर में 5 दिन काम, दो दिन आराम और भरपूर एक्सरसाइज, स्वस्थ पर्यावरण और खुद को स्वस्थ बनाए रखने की चाह होती है। जो भारतीयों में नहीं दिख रही। लिहाजा, अस्वस्थता लोगों को समय से पूर्व किडनी का रोगी बना रही है। उन्होंने किडनी रोग से बचाव के लिए एक्सरसाइज करने, प्रतिदिन तीन लीटर से ज्यादा पानी पीने, नशे से दूर रहने और नियमित स्वास्थ्य की जांच कराने का सुझाव दिया है।