रात के ढाई बजे बड़ी संख्या में मौजूद रहे जायरीन, इजाजत लेकर हुई रवानगी शुरू
बरेली। खानकाह नियाजिया में देर रात ढाई बजे हजरत हसनी मियां किबला के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इससे पूर्व उर्स की तकरीब सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुई। दोपहर में खानकाही लंगरखाने में फातेहा ख्वानी के बाद लंगर तकसीम किया गया। वहीं जायरीन की हाजिरी और चादरपोशी का भी सिलसिला दिन भर जारी रहा।
शाम को मिलाद शरीफ के बाद चादरों का जुलूस बीबीजी मस्जिद से निकाला गया। यह जुलूस खानकाह के प्रबंधक जुनेदी मियां की कयादत में निकाला गया। खानकाह पहुंचने पर सज्जादानशीन शाह मेहंदी मियां ने खानवादों के साथ जुलूस का इस्तकबाल कर मजारों पर पेश किया। कव्वाली के सिलसिले के बाद रात में हजरत शाह हसनी मियां किबला का कुल शरीफ हुआ। संवाद
सजा दावते खास का दस्तरख्वान
बरेली। हजरत हसनी मियां के उर्स के आखिरी दिन दावते खास का दस्तरख्वान सजाया गया। इसमें देश भर से जुटे प्रसिद्ध खानकाहों के सज्जादगान व शहर के जनप्रतिनिधियों सहित तमाम हस्तियों ने शिरकत की। खास तौर से ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह, अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन, हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह दिल्ली और हजरत कुतुबउद्दीन बख्तियार काली दरगाह के प्रतिनिधियों की शिरकत रही। वही विधायक अताउर्रहमान, सपा के महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, डॉ. अनीस बेग, अख्लाक अहमद, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज हरित आदि भी शामिल हुए।
हजरत शाह दूल्हे मियां बाबा के उर्स का आगाज
बरेली। सिटी स्टेशन रोड पर हजरत शाह दूल्हे मियां बाबा का चार दिवसीय उर्स-ए-पाक मंगलवार से शुरू हो गया। पहले ही दिन रात में मिलाद पाक की महफिल सजी। इसमें तमाम अकीदतमंदों की शिरकत रही। दरगाह के खादिम वसीम मियां ने बताया कि बुधवार से 23 मई तक हर रात कव्वाली का सिलसिला रहेगा। 24 मई को सुबह 10:30 बजे कुल शरीफ कि रस्म अदा की जायेगी। मिलाद की महफिल में नत्थू, भईये, डंपी, शान, फईम, गुलजार मौजूद रहे। संवाद