बताते हैं कि पहले कारोबारी अपने दावे पर अड़ा रहा पर जब तथ्यों के आधार पर समझाया गया तो भूल स्वीकार की। 1.2 करोड़ कम टैक्स भुगतान को माना। मौके पर कारोबारी ने 32 लाख रुपये तत्काल जमा किया। शेष 90 लाख रुपये जमा करने के लिए मोहलत मांगी।
बीते दो वित्तीय वर्ष के रूपपत्रों में दिखाई थी कम बिक्री
कारोबारी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में दाखिल रूपपत्र में छह करोड़ की कम बिक्री दिखाकर 1.10 करोड़ रुपये टैक्स कम अदा किया था। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए तय से ज्यादा आईटीसी क्लेम करते हुए देय कर का समायोजन किया गया था।