लॉकडाउन के दौरान जंगली जानवर के जंगलों से निकलकर आबादी की ओर आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्नियाघाट (वन्यजीव विहार) से निकला जंगली हाथियों का एक झुंड इन दिनों डीटीआर बफरजोन के धौरहरा रेंज में फसलों को रौंद रहा है।
हाथियों के इस झुंड को घाघरा नदी से सटे गांव के लोगों ने जब देखा तो उनके होश उड़ गए। हाथियों के घाघरा नदी के दूसरे किनारे पर मौजूद होने की पुष्टि वन विभाग ने भी की है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्नियाघाट (वन्यजीव विहार) जंगल से करीब दो दिन पहले निकला 25-30 हाथियों का यह झुंड डीटीआर बफरजोन के धौरहरा रेंज की देवमनिया बीट जंगल से सटे देवमनिया, बिनजहा, जंगल मटेरा गांव की आबादी की तरफ आ गया है।
इन जंगली हाथियों ने दो दिन के अंदर संबंधित गांव के निकट खेतों मे खड़ी फसलों को रौंद दिया, केला और गन्ने की फसल को खाने के बाद तबाह कर डाला। वन विभाग द्वारा देवमनिया में सीमांकन के लिए लगाए गए पिलर्स भी इन उत्पाती जंगली हाथियों ने उखाड़ दिए।
कई खेतों में बने मचान भी तोड़ डाले। अब ये हाथी घाघरा नदी पारकर दूसरी तरफ आने के लिए तैयार है। इस दल में शामिल तीन हाथी ग्रामीणों को बीती रात घाघरा नदी किनारे खड़े दिखाई दिए, इसके बाद लोग उधर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
ग्रामीणों की मानें तो कि इन उत्पाती जंगली हाथियों के झुंड में हाथियों की संख्या करीब 25 से 30 तक है। जिसमें बच्चे भी शामिल हैं, जबकि वन विभाग अभी तक केवल तीन हाथियों की पुष्टि कर रहा है।
उधर दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि हाथियों के जंगल से निकलते ही इनकी निगरानी बढ़ा दी गई है। हलांकि अभी तक इन हाथियों ने आबादी की तरफ रुख नहीं किया है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रही है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने को कहा है।