डिवाइडर पर लगने वाले पौधों के गमले पाइप लाइन के जरिये जुड़े होंगे। इसमें सोलर सिस्टम से स्वचलित मोटर से पानी फुलवारी तक पहुंचाया जाएगा। फुलवारी में पॉलिमर स्टोन एफआरपी प्लांटर्स का प्रयोग होगा। फ्लाई फुलवारी ग्रीनरी के साथ-साथ एस्थेटिक लुक, रेवेन्यू जेनरेशन, व्यू कटर, साउंड बैरियर और नाइट रिफ्लेक्टर के लिए कॉस्ट इफेक्टिव प्रॉडेक्ट रहेगा। इस प्रक्रिया से पौधों की सिंचाई के लिए निगम को पानी के टैंकर नहीं दौड़ाने पड़ेंगे।
पहले चरण में यहां होगा काम
पहले चरण में जिन क्षेत्रों के डिवाडर और ओवरब्रिज पर काम होगा, उनको भी अस्थाई तौर पर चुन लिया गया है। इसमें झुमका चौराहे से किला रोड तक के डिवाइडर समेत शहर की एंट्री वाले सेटेलाइट ओवरब्रिज, नगर निगम के सामने डिवाइडर, किला ओवर ब्रिज, बदायूं ओवर ब्रिज को चुना गया है। इसके बाद दूसरे चरण में रामपुर बाग समेत सिविल लाइंस क्षेत्र और शहर में बने अटल सेतु, सुभाषनगर ओवरब्रिज, कुदेशिया फाटक ओवरब्रिज, हार्टमैन पुल, श्यामगंज ओवरब्रिज पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। तीसरे चरण में शहर के अन्य सभी डिवाइडर हरे-भरे होंगे।
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत देश में पहली बार बरेली से होगी। इसमें एक नई हरियाली की व्यवस्था देखने को मिलेगी। अधिकारियों और अन्य लोगों से बातचीत के बाद प्रोजेक्ट हैंडओवर करने की भी प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। एक से दो माह में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत होने की उम्मीद जताई जा सकती है। हालांकि प्रयास है कि यह प्रोजेक्ट इससे पहले ही शुरू हो सके।