सुविधाएं मिली तो चमक गईं बीडीए की योजनाएं
रामगंगा नगर बसाने के लिए बिथरी चैनपुर में वर्ष 2004 में बीडीए ने 276 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था। यहां काम शुरू होने में देरी हुई तो सैकड़ों मकान बनाकर लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया। 2022 में बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में यहां अभियान चलाकर कब्जे हटवाए गए। इसके बाद गंगा, नर्मदा, कावेरी, अलकनंदा, ब्रह्मपुत्र, साबरमती, सरस्वती, शिवम, सत्यम एन्क्लेव नाम से इसमें 12 सेक्टर बनाए गए।
यहां पार्क, चौड़ी सड़कें तेजी से बनीं और चौराहों के सुंदरीकरण के साथ बिजली का काम पूरा हो गया तो देखते ही देखते ढाई हजार से अधिक प्लॉट बिक गए। इसके बाद बीडीए ने इसी साल 1600 करोड़ रुपये की लागत से ग्रेटर बरेली योजना लांच कर दी। इसमें 240 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई। अब ग्रेटर बरेली टू में 300 हेक्टेयर से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। बीडीए की ओर से मिल रही सुविधाओं ने इन योजनाओं को गति दी।
बीडीए ने सीमा विस्तार में फरीदपुर, आंवला के सबसे अधिक गांव लिए गए हैं। माना जा रहा है कि ग्रेटर बरेली टू टाउनशिप बदायूं रोड पर आ सकती है। ऐसे में यह रिंग रोड से भी जुड़ेगी और इस रोड पर बन रही अवैध कॉलोनियों पर भी नकेल कसेगी। इसके साथ ही ग्रीन बेल्ट का दायरा भी बढ़ेगा।