अंतिम वर्ष की परीक्षाओं में पहले दिन 427 छात्र अनुपस्थित
बरेली। स्नातक और परास्नातक की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 318 सेंटरों पर अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हो गईं। छात्रों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया है। कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे न चलने और सैनिटाइजर खत्म होने की दिक्कत सामने आई। कोरोना संक्रमण की दहशत के चलते कर्मचारी छात्र-छात्राओं की तलाशी लेने बचते रहे। वहीं उड़नदस्ता गठित न होने की वजह से इस बार केंद्रों पर चेकिंग भी नहीं हो पाई।
परीक्षाएं कोरोना की वजह से मार्च में आधी-अधूरी रोक दी गई थी। अब एक सितंबर से स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाओं शुरू करा दी गई है। वैसे तीन पालियों में परीक्षाएं होनी है लेकिन पहले दिन सुबह सात से नौ और शाम को तीन से पांच बजे सिर्फ दो पाली में परीक्षाएं हुई है। पहली पाली में उर्दू-संस्कृत और शाम की पाली में बीकॉम अंतिम वर्ष की परसियन और बीएससी अंतिम वर्ष की बॉटनी की परीक्षाएं हुईं। बरेली, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, चंदौसी और बिजनौर जिलों में 318 सेंटरों पर पहले दिन करीब 14 हजार छात्रों को परीक्षाएं देनी थी लेकिन 427 छात्र अनुपिस्थित रहे। कोविड की वजह से सेंटरों पर 35 से 40 से बजाय सोशल डिस्टेसिंग को ध्यान में रखते हुए केवल 20 परीक्षार्थियों को बैठाया गया।
कोई छात्र परीक्षा केंद्र में नकल सामग्री लेकर तो नहीं आया है, कोरोना की वजह से ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी जामा तलाशी लेने से बचते रहे। इसकी वजह से किसी सेंटर पर नकल सामग्री बरामद होने की सूचना नहीं है। विश्वविद्यायल का भी उड़न दस्ता गठित न होने से पहले दिन अच्छी तरह से चेकिंग भी नहीं कराई जा सकी। इसलिए किसी सेंटर पर नकलची के पड़ने जाने की भी सूचना नहीं है।
पैटर्न को लेकर छात्र-छात्राओं में रही उलझन
इस बार रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र हल करने का समय तीन के बजाय दो घंटे का कर दिया है। हालांकि परीक्षाएं पुराने प्रश्नपत्रों से कराई जा रही है। इसलिए कई सेंटरों से कक्ष निरीक्षकों को यह बताने में दिक्कत रही कि परीक्षार्थियों को किस खंड में कितने सवाल करने हैं और कितने छोड़ने। इसे लेकर विश्वविद्यालय में फोन घनघनाते रहे।
बरेली कॉलेज में खत्म हो गया सैनिटाइजर तो छात्र हुए परेशान
बरेली कॉलेज में पहली पाली में 221 को परीक्षा देनी थी लेकिन 39 अनुपस्थित थे। शाम को 818 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, जिसमें छह अनुपस्थित रहे। कॉलेज में सैनिटाइजर भी कम पड़ गया। चीफ प्रॉक्टर वंदना शर्मा ने शर्मा ने बाद में सैनिटाइजर की व्यवस्था कर दी गई है।