बरेली। औद्योगिक क्षेत्रों को नगर निकाय और जिला पंचायत के क्षेत्र से बाहर करने के प्रदेश सरकार के फैसले का उद्यमियों ने स्वागत किया है। उन्होंने नगर निगम को टैक्स देने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जर्जर हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों के अब संवरने की उम्मीद जताई है।
राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने सीबीगंज स्थित परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र बसाया था। नगर निगम को उद्यमियों से टैक्स लेकर विकास कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी। बीते कई वर्षों से नगर निगम के अफसर परसाखेड़ा में विकास कार्य का आश्वासन देते रहे। उद्यमी विमल रिवाड़ी के मुताबिक रोड नंबर आठ, नौ, दस की सड़कों के निर्माण के लिए दस वर्षों से उद्योग बंधु की बैठक में मुद्दा उठाया जा रहा है। इसके बावजूद कार्य नहीं हुआ। नालियां ध्वस्त हैं। फैक्टरी परिसर में जलभराव होता है। अब नई व्यवस्था के तहत विकास की उम्मीद जगी है।
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार के मुताबिक अधिसूचना की तिथि से पहले जिन उद्यमियों ने टैक्स नहीं दिया है, उन्हें बकाया टैक्स नगर निगम को ही देना होगा। 25 अक्तूबर के बाद टैक्स देय नहीं है।