छोटे-छोटे चरणों में करें निवेश, जल्दबाजी न करें
निवेश संबंधी मामलों के जानकार सीए विनय कृष्ण के मुताबिक निवेश दो तरह से होता है। पहला फिक्स, इसमें निश्चित समय के साथ बढ़त होती है। दूसरा इक्विटी, इसमें गोल्ड (सोना) और शेयर शामिल है। कहा कि जब शेयर लुढ़कता है तो निवेश सोने में होता है। वैश्विक बाजार में हलचल से उतार-चढ़ाव का दौर है। इसलिए छोटे चरणवार निवेश करें। अवधि दस वर्ष से कम न हो। जल्दबाजी ठीक नहीं।
ट्रेड वार से भाव में तेजी, अस्थिरता का अनुमान
किसना ज्वेलर्स के मैनेजर उदित गोयल के मुताबिक सोने की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह बाजार में वैश्विक अनिश्चितता है। ब्याज दर कटौती को लेकर ट्रंप और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बीच तनाव यानी ट्रेड वार, कई बड़े देशों की अर्थव्यवस्था में सुस्ती, डॉलर इंडेक्स का लुढ़कना, केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीद बढ़ना और निवेशक द्वारा सुरक्षित निवेश के लिए खरीदारी में तेजी आना है।
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पसंद है भारी पर वजन घटाने के लिए खरीदार विवश
रांगीलाल ज्वेलर्स संचालक अरविंद अग्रवाल के मुताबिक कीमतों में तेजी के बावजूद खरीदारी का दौर जारी है, लेकिन अब लोग वजन कम कर रहे हैं। जिन्हें एक तोला यानी दस ग्राम के गहने लेने हैं, वे छह, आठ ग्राम ही खरीद रहे हैं। इसी तरह 22, 20 के बजाय अब 18 कैरट के गहनों की मांग भी बढ़ गई है। कहा कि अक्षय तृतीया तक कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम है पर तेजी आने का अनुमान है।