बरेली। प्रभु की शरण में जाने के लिए किसी पूर्व तैयारी की आवश्यकता नहीं है। भक्त जिस हाल में है, भगवत प्राप्ति के मार्ग पर चल सकता है। भगवान सौ सूर्यों के सूर्य हैं। उनकी ओर चलने पर मनुष्य के समस्त पाप पीछे छूट जाते हैं।
खुशहाली फाउंडेशन की ओर से मॉडल टाउन स्थित श्रीहरि मंदिर में कराई जा रही श्रीराम कथा के सातवें दिन संत विजय कौशल महाराज ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के अवगुण को भुलाकर सदैव उसके कल्याण का ही मार्ग प्रशस्त करते हैं।
भगवत कृपा ही वैराग्य है। जो व्यक्ति गुरु के बताए रास्ते पर चलकर सभी बुराइयों को त्याग देता है, उसका कल्याण होता है। गुरु का अनादर करने वालों का विनाश होता है। उन्होंने सलाह दी कि भजन हमेशा एकांत में ही करना चाहिए। मनुष्य को परनिंदा से बचना चाहिए।
कथा में मुख्य यजमान उद्योगपति रामअवतार खंडेलवाल और व्यापारी नेता दुर्गेश खटवानी रहे। मंच से श्री रामलीला सभा कमेटी ब्रह्मपुरी, चंद्र नगर धार्मिक समिति, राधा रानी सेवा ट्रस्ट को सम्मानित किया गया। नीरज अग्रवाल, हनी अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, मीनाक्षी अग्रवाल, अनूप अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने आरती की।
सिंधी समाज की ओर से प्रसाद वितरण किया गया। फाउंडेशन के अध्यक्ष समीर मोहन, आयोजन समिति के अध्यक्ष अतुल खंडेलवाल, संघ के प्रांत प्रचारक हरीश रौतेला, श्रीहरि मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सतीश खट्टर, महामंत्री रवि छाबड़ा, बृजेश यादव, डॉ. विनोद पागरानी उपस्थित रहे।