रात करीब नौ बजे के बाद अधिकारियों की गाड़ी अंदर नहीं जाने दी
बरेली। जा गाड़ी चेक करो, जा में बक्सा लदे हैं... स्ट्रांग रूम के बाहर खड़े लोगों में से किसी ने यह वाक्य उछाला तो फिर कुछ और सुनाई ही नहीं दिया। सपाई गाड़ी की ओर दौड़ पड़े और फिर शुरू हुआ हंगामा। सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस फोर्स को पीछे कर गेट पर कब्जा जमा लिया। समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। गाड़ियों के आने-जाने पर खुद ही गेट खोल और बंद कर रहे थे। रात आठ बजे बजे के बाद तक स्ट्रांग रूम के बाहर यही नजारा रहा।
मुख्य सड़क से मतगणना स्थल तक करीब दस हजार से अधिक सपा कार्यकर्ताओं का हुजूम दिखाई दे रहा था। बाइकों और कारों का दूर तक रेला दिख रहा था। हर कार्यकर्ता अपने मोबाइल से फोटो खींच रहा था। कई सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण कर रहे थे। पुलिस और अधिकारियों की गाड़ियां मतगणना स्थल पर आ जा रही थीं। इस पर भी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये गाड़ियां बार-बार क्यों आ जा रही हैं। कार्यकर्ताओं के हुजूम ने गेट पर खुद ही कब्जा जमा लिया और अंदर से आने वाली हर गाड़ी की तलाशी लेनी शुरू कर दी। पुलिस को पीछे धकेल कर गेट खोलने और बंद करने का जिम्मा भी खुद ही संभाल लिया।
कार्यकर्ता अच्छे से जांच करके पूरी तरह संतुष्ट हो जाने के बाद ही गाड़ियों को आगे बढ़ने दे रहे थे। गाड़ियों में बैठे अधिकारियों से सवाल-जवाब कर उसका वीडियो भी बना रहे थे। करीब नौ बजे के बाद ज्यादातर अधिकारी मतगणना स्थल से जा चुके थे, लेकिन कार्यकर्ता टस से मस नहीं हुए। इसके बाद वहां आने वाले अधिकारियों की गाड़ी को कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट से अंदर नहीं जाने दिया। अधिकारियों ने गाड़ी चेक कराने के बाद कहा कि अब जाने दीजिए तो कार्यकर्ताओं ने कह दिया कि गाड़ी यहीं छोड़कर पैदल जाइए।
कार्यकर्ताओं का गुस्सा देख अधिकारियों और पुलिस बल ने भी मौके की नजाकत को देखते हुए उनकी एक-एक बात मानी। वे जैसा कह रहे थे, अधिकारी उसी तरह काम करते रहे। करीब दस बजे मुख्य गेट के पास से अधिकतर सपा कार्यकर्ता हट गए। पुलिस फोर्स और तीस-चालीस सपा कार्यकर्ता ही वहां रुके रहे। बाकी कार्यकर्ता और प्रत्याशी अपने कंट्रोल रूम में आ गए और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करते रहे। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, प्रत्याशी अताउर रहमान, सुल्तान बेग, अगम मौर्य, भगवत सरन गंगवार, जिला महासचिव सत्येंद्र यादव, जिला प्रवक्ता मयंक शुक्ला मोंटी, करन सिंह, गजेंद्र कुर्मी आदि मौजूद रहे।