जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर टीम ने कोटेदारों को किया तलब
बरेली। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में लाभार्थियों को कम राशन देने के प्रकरण की जांच डीएम के निर्देेश पर शुरू हो गई है। शुक्रवार को पूर्ति निरीक्षक कटरा चांद खां और नवादा शेखान में उचित दर राशन की दुकानों का निरीक्षण करने पहुंचीं, लेकिन दुकानें बंद थीं। लिहाजा कोटेदारों को फोन करके जिला पूर्ति कार्यालय पर तलब किया गया है।
बृहस्पतिवार को अन्न महोत्सव के तहत जिले की 1805 उचित दर राशन वितरण की दुकानों पर मुफ्त खाद्यान्न वितरित किया गया था। अमर उजाला की टीम ने योजना की हकीकत परखने के लिए कटरा चांद खां और नवादा शेखान की करीब पांच दुकानों का जायजा लिया था। इस दौरान कटरा चांद खां में फरीदा बेगम, नवादा शेखान में लईक के कोटे पर प्रति कार्ड एक से दो किलो तक राशन की घटतौली की शिकायत लाभार्थियों ने की।
कोटोदार अफजाल अहमद ने तो खुद भी घटतौली की बात स्वीकार की थी। उनका कहना था कि एफसीआई के गोदाम से ही प्रति बोरी तीन-चार किलो राशन कम मिलता है। इसकी भरपाई लाभार्थियों के राशन से की जाती है। डीएम ने डीएसओ नीरज सिंह को जांच करने के आदेश दिए तो डीएसओ ने एआरओ को जांच का जिम्मा सौंप दिया, लेकिन उन्होंने महोत्सव में व्यस्त होने की बात कहकर जांच नहीं की।
शुक्रवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर खलबली मच गई। डीएसओ ने प्रकरण को गंभीरता से लेकर एआरओ को तत्काल जांच के निर्देश दिए। एआरओ ने पूर्ति निरीक्षक को भेजकर कोटेदारों के बयान दर्ज करने को कहा। पूर्ति निरीक्षक मौके पर पहुंचीं तो दुकानें बंद मिलीं। इस मामले में पूछताछ के लिए सिर्फ कोटेदार अफजाल अहमद कोे कार्यालय में तलब किया गया है।
कोटेदारों के अलावा लाभार्थियों के भी दर्ज होंगे बयान
एआरओ अमित यादव के मुताबिक कोटेदारों के साथ ही, संबंधित राशन दुकानों पर दर्ज कार्ड धारकों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। अगर घटतौली की पुष्टि हुई तो कोटेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि जांच के निर्देश दिए गए हैं। स्थलीय निरीक्षण के साथ सभी के बयान दर्ज होंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।