बरेली। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस फिर जल्दी आ’ उद्घोष के साथ बृहस्पतिवार को पूरे दिन रामगंगा में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम चलता रहा। रिमझिम बारिश के बाच कई धार्मिक संस्थाओं के अलावा तमाम लोग घरों में स्थापित गणेश प्रतिमा को विसर्जन यात्रा निकालकर रामगंगा में प्रवाहित किया। शहर की सड़कों से लेकर रामगंगा के तट तक इन यात्राओं में जयकारों की गूंज के साथ अबीर-गुलाल उड़ता नजर आया।
रोहिला टोला स्थित प्राचीन माहौर वैश्य नवदुर्गा मंदिर में गणेश चतुर्थी पर स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा का धूमधाम से विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने धूमधड़ाके के साथ अबीर गुलाल उड़ाते हुए शहर के मुख्य मार्गों पर विसर्जन यात्रा निकाली। रिमझिम बारिश के बाद भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। प्रतिमा का रामगंगा में विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं में उदित गुप्ता, जीतू गुप्ता, दीपांश, आयुष, हिमांशु, आशुतोष, विनय, उत्कर्ष, आकाश गुप्ता आदि शामिल थे।
श्री शिवशक्ति दुर्गाजी धाम मंदिर में स्थापित गणेश प्रतिमा को ढोल-ताशों के साथ उठाया गया। शहर में नाचते गाते निकले श्रद्धालु विसर्जन यात्रा में शुरू से अंत तक जयकारे लगाते रहे। विसर्जन के दौरान कोरोना संक्रमण से मुक्ति की भी दुआ मांगी गई। विसर्जन यात्रा में अमित अरोरा, नीरज टंडन, राजीव सक्सेना, मोनू रस्तोगी, सचिन मेहरा, कान्हा अरोरा, शिवा मक्कड़, सत्यम सक्सेना, मनोज कक्कड़, शोभना अरोरा, मोनिका मेहरा शामिल रहे।
बाबूराम धर्मशाला आलमगीरी गंज में चल रहे श्री गणेश महोत्सव का गुरुवार को गणपति प्रतिमा के विसर्जन के साथ समापन हो गया। सुबह नौ बजे गणपति बप्पा के दरबार में हवन-पूजन किया गया। दोपहर 12 बजे गणेश जी की विसर्जन महाआरती हुई। उसके बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते और भजनों पर नाचते-गाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। रामगंगा में भगवान गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में जगह-जगह व्यापारियों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में अनिल पाटिल, विचार निगम, अमोल भाऊसाहेब, विनायक मराठा, वैभव मराठा, प्रमोद पाटिल, अनिल मराठा सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
चौबारी रोड पर लगा जाम
लगातार विसर्जन यात्राओं के दौरान चौबारी रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। लाल फाटक बंद होने से महेशपुरा होकर वाहन गुजारे गए। करगैना और सरदार नगर चौकी तक लोग जाम में फंसे रहे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। शाम पांच बजे ट्रेन गुजारने के लिए गेटमैन ने रेलवे क्रासिंग बंद कर दिया तो एक बार फिर लोग जाम में फंस गए। दो घंटे बाद शाम करीब सात बजे तक वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी।
नाव में सवार हुए क्षमता से ज्यादा लोग
रामगंगा में बरसात की वजह से जलस्तर बढ़ा हुआ था। इसके बाद भी नावों में क्षमता से ज्यादा लोग बैठकर नदी के बीच जाकर प्रतिमाओं का विसर्जन करते नजर आए। घाट पर श्रद्धालुओं की संख्या काबू करने के लिए पुलिस का भी कोई इंतजाम नहीं था। संवाद