बरेली। इज्जतनगर की राजीव एन्क्लेव कॉलोनी में पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह नकली सेक्सवर्धक दवाएं बनाता था। ऑनलाइन कॉल सेंटर के जरिये विज्ञापनों से इन दवाओं को बेचा जाता था।
पुलिस ने इस मामले में आठवीं पास सरगना सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से आयुष मंत्रालय का फर्जी लाइसेंस, 1.99 लाख रुपये नकद और बड़ी मात्रा में उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इज्जतनगर थाने में एसपी सिटी मानुष पारीक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इज्जतनगर इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम को सूचना मिली कि कॉलोनी में किराये के मकान का एक फ्लोर लेकर तीन लोग कॉल सेंटर चला रहे हैं। कॉल सेंटर में करीब सात अन्य कर्मचारी काम करते हैं।
सेंटर चलाने वाले खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को भरोसे में लेने के लिए आयुष मंत्रालय का फर्जी लाइसेंस दिखाते हैं। इसके बाद ऑनलाइन विज्ञापन के माध्यम से लोगों को भ्रमित कर सेक्सवर्धक व अन्य दवाएं बेचते हैं। पुलिस व एसओजी टीम ने मकान में दबिश दी। इस दौरान एक आरोपी इलियास भाग निकला, जबकि देवरनियां क्षेत्र निवासी समीरुद्दीन और इज्जतनगर के बड़ी बिहार निवासी यूसुफ को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी समीरुद्दीन केवल आठवीं पास है। बाकी दोनों लोग भी खास पढ़े-लिखे नहीं हैं। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि इनकी दवा कितनी कारगर थी या उससे किसी को नुकसान तो नहीं हुआ, इसकी जानकारी विवेचना के दौरान की जाएगी। इनके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। कोई और साथी मिलेंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।