दूसरी ओर महज एक किलो बाजरा मिलने से चक्की पर पिसाई नहीं हो पा रही थी। कई लाभार्थी द्वारा बाजरे को बाजार में बेचने की भी शिकायतें मिल रही थीं। प्राप्त आपत्तियों का संज्ञान लेकर अब बाजरे का वितरण स्थगित हुआ है। वहीं अक्तूबर-नवंबर में फिर वितरण शुरू होने के कयास हैं। तब तक गेहूं और चावल का वितरण किया जाएगा।
7.80 लाख से अधिक हैं कार्डधारक
जिले में सात लाख 80 हजार से भी अधिक राशन कार्डधारक हैं। जिसमें 6.89 लाख पात्र गृहस्थी और 99 हजार से अधिक अंत्योदय कार्डधारक हैं। जिले में अनाज वितरण के लिए कुल 1785 दुकानें हैं।