वह और लोगों को भी बुलाता रहा लेकिन कोई और व्यक्ति अंगूठा लगाने नहीं आया। इसके बाद युवक दूसरे मोहल्ले की तरफ चला गया। उसके बाद राजाराम के मोबाइल पर 6000, कुसुम के मोबाइल पर 500 और सुमन के मोबाइल पर 4000 रुपये निकलने का मैसेज आया। तीनों लोगों के खाते में इतने ही रुपये पड़े थे। उनकी सूचना पर गांव के कुछ लोग युवक को ढूंढते रहे लेकिन उसका पता नहीं चला। कुछ लोगों ने बताया कि वह उसी समय गांव से चला गया था।
ऐसे बनाया ठगी का शिकार
इस डिजिटल इंडिया के दौर में अधिकतर लोगों के खाते आधार कार्ड से अटैच हैं। अब तो यह सुविधा हो गई है कि ग्रामीण किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर अपना अंगूठा लगाकर रुपये निकाल सकते हैं। उस बाइक सवार युवक ने इसी का फायदा उठाया और अंगूठा लगवाकर उनके रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए। उनका खाता खाली कर दिया।
बरतें ये सावधानियां
- अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं।
- किसी भी व्यक्ति को अपना आधार कार्ड न दें।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर अंगूठा न लगाएं।
- किसी जनसेवा केंद्र पर ही जाकर आवेदन करें।
- ठगी का शिकार होने पर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- गांव में ऐसे व्यक्ति पहुंचे तो तुरंत थाना पुलिस को सूचना दें।
साइबर थाना प्रभारी विनोद कुमार वर्धन ने बताया कि अंगूठा लगवाकर रुपये निकालने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। गांव में जो भी व्यक्ति पहुंचे, पहले उसके बारे में छानबीन करें या फिर किसी अच्छे जनसेवा केंद्र जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।