बरेली। बरेली-बीसलपुर रोड पर सड़क सुरक्षा के कामों को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कमिश्नर रणवीर प्रसाद को गुमराह किया था। पीडब्ल्यूडी को रोड सेफ्टी के काम के लिए करीब पांच करोड़ रुपये मिले थे। कमिश्नर ने इस बजट को लेकर रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें अधिकारियों ने सब ओके बता दिया था। इस रोड पर कुछ दिन पहले बड़े हादसे में नौ लोगों की मौत के बाद पीडब्ल्यूडी और एनएच के अधिकारियों की यह लापरवाही सामने आई है कि यहां एक किलोमीटर में चार खूनी मोड़ होने के बावजूद ड्राइवरों की सतर्कता के लिए एक भी सिग्नल नहीं लगाए गए हैं। कमिश्नर ने एनएच और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से जवाब मांगते हुए डीआईजी से मौके की जांच कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
सड़क सुरक्षा के कामों के लिए पीडब्ल्यूडी को छह माह पहले करीब पांच करोड़ रुपये मिले थे। इस बजट से पीडब्ल्यूडी को मुख्य सड़कों पर व्हाइट पट्टी, रेडियम सिग्नल, चेतावनी बोर्ड, ब्रेकर सहित दूसरे काम होने थे। इस रकम से बरेली-बीसलपुर रोड पर भी रोड सेफ्टी के लिए करीब 60 लाख रुपये खर्च हुए थे। कमिश्नर ने इन कामों में घपला की आशंका जताते हुए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से यह रिपोर्ट मांगी थी कि इस बजट कहां और कितने काम हुए हैं? इसके बाद पूर्व में तैनात रहे पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी ने बरेली-बीसलपुर रोड पर रोड सेफ्टी में यह गड़बड़ी पकड़ी थी कि सड़क पर सफेद पट्टी में पेंट कम लगाने के साथ उसकी चौड़ाई भी मानक के अनुरूप नहीं है। बाद ठेकेदार से इन गड़बड़ियों को ठीक कराने की रिपोर्ट कमिश्नर को दे दी गई। 30 अक्तूबर को दौलतपुर डड़िया में हादसे में नौ लोगों की मौत के बाद एनएच और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की यह लापरवाही सामने आया है कि यहां एक किलोमीटर की दूरी पर चार खूनी मोड़ पर रोड सुरक्षा के नाम पर एक भी सिग्नल नहीं लगाए गए हैं। इस संज्ञान लेते हुए कमिश्नर ने एनएच और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से जवाब मांगा है। कमिश्नर ने डीआईजी से मौके पर जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है।
इन खूनी मोड़ पर नहीं है सुरक्षा के काम
बीसलपुर रोड पर अहरोला और दौलतपुर डड़िया के बीच कैलाश नदी के पुल के दोनों और करीब एक किलोमीटर में चार भयंकर मोड़ है। यहां पर दौलतपुर डड़िया में करगैना मोड और उसके 100 मीटर आगे मिलक गौंटिया पर तीव्र मोड़ है। कैलाश पुल से करीब 200 मीटर आगे खरदाह और उसके 50 मीटर आगे गौंटिया के पास इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के नजदीक भी खूनी मोड़ है।
‘बरेली-बीसलपुर रोड को लेकर मैंने पहले भी रिपोर्ट मांगी थी। हाल में नौ लोगों की मौत के बाद यह पता चला है कि सड़क पर कई जगहों पर रोड सुरक्षा के काम नहीं हुए हैं। डीआईजी से इसकी जांच कराई जाएगी। अगली समीक्षा बैठक में भी अफसरों से इस बारे में पूछताछ होगी।’
- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर