फिर जमीन घोटाला.. राजस्व निरीक्षक
और लेखपाल पर कार्रवाई की तैयारी
उच्चाधिकारियों को गलत रिपोर्ट भेजकर जमीन की श्रेणी बदलवाने की कोशिश
एसडीएम सदर ने दोनों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। राजस्व विभाग के कर्मचारी जमीनों को लेकर घोटाले करने से बाज नहीं आ रहे। असंक्रमणीय भूमिधर को संक्रमणीय भूमिधर घोषित कराने के लिए राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने उच्चाधिकारियों को भ्रामक रिपोर्ट भेज दी। इस रिपोर्ट उल्लेख किया गया था कि इस मामले की आख्या एसडीएम के कोर्ट में भेज दी गई है जबकि ऐसा किया ही नहीं गया। एसडीएम सदर अमरेश कुमार ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल दोनों से स्पष्टीकरण मांगा है।
सदर तहसील के गांव मियांपुर में रहने वाले हरनाम सिंह ने संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थनापत्र दिया था कि वह अपनी कृषि आराजी 0.158 हेक्टेयर भूमि खतौनी में बतौर असंक्रमणीय भूमिधर काबिज हैं जिसे वह संक्रमणीय घोषित कराना चाहते हैं। धौराटांडा के राजस्व निरीक्षक बृजपाल ने स्वीकृति के लिए उनकी पत्रावली को एसडीएम सदर अमरेश कुमार के पास भेजा। एसडीएम ने इस प्रकरण पर जब अपने न्यायालय के रीडर से आख्या मांगी तो पता चला कि इस मामले से संबंधित कोई रिकार्ड न्यायालय में दाखिल नहीं किए गए हैं। यही नहीं, असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय घोषित करने के लिए तहसीलदार की ओर से भी आख्या दी जानी थी लेकिन इस प्रकरण को तहसीलदार के पास भेजा ही नहीं गया। एसडीएम सदर के मुताबिक जांच में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक बृजपाल और लेखपाल संजेश के खिलाफ इस प्रकरण में उच्चाधिकारियों को भ्रमित करते हुए गलत रिपोर्ट देने के आरोप की पुष्टि हुई। इस वजह से संपूर्ण समाधान दिवस के प्रार्थना पत्र का निस्तारण संभव नहीं हो पाया। एसडीएम ने तहसीलदार सदर को इस मामले में दोनों राजस्व कर्मियों के खिलाफ चार्जशीट लगाने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन-
यह मामला गंभीर है। राजस्व निरीक्षक और लेखपाल दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद उन्हें चार्जशीट देकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अमरेश कुमार, एसडीएम सदर