मां का रो-रोकर बुरा हाल
मासूम की मां फिजा का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं। अलीम आंगनवाड़ी में पढ़ता था। उसके पिता आलम दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही वह दिल्ली से गांव के लिए रवाना हो गए, लेकिन समाचार लिखे जाने तक घर नहीं पहुंच सके थे।
घटना के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने मौके पर एकत्र होकर ग्राम प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आबादी के पास बने इस गहरे गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते तो मासूम अलीम की जान बच सकती थी।
ग्राम प्रधान मुनेद्र शर्मा ने बताया कि गांव से घूरे हटाए गए थे। कुछ घरों का पानी सड़क पर आ रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए पानी निकासी के लिए गड्ढा खुदवाया गया था। उन्होंने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है।