छात्रा के पिता से ली जानकारी
उन्होंने छात्रा के पिता से बातचीत की। ठाकुर के मुताबिक छात्रा के पिता ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से इलाज हो रहा था, जिसकी अधिकतम सीमा समाप्त हो चुकी है। इलाज में उनके भी 20 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। ठाकुर ने अस्पताल प्रबंधन से बात की तो कहा गया कि बिल जमा करने पर ये रकम वापस छात्रा के पिता के खाते में डाल दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि छात्रा के कृत्रिम हाथ-पैर लगवाने को पैरवी करेंगे। साथ ही पुलिस अधिकारियों से बात की। कहा कि मजिस्ट्रेट को सूचना देकर छात्रा के बयान दर्ज कराने की जरूरत है। तय हुआ कि शुक्रवार को उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराए जाएंगे। पिता को आश्वासन दिया कि छात्रा को कहीं नौकरी दिलाने का भी प्रयास करेंगे।