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कालागढ़ डैम से पानी छोड़ने के बाद मीरगंज-आंवला में बाढ़ का खतरा

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कालागढ़ डैम से आए पानी से मीरगंज क्षेत्र में फसलें हुईं जलमग्न। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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तीस गांवों में सैकड़ों एकड़ फसलें पानी में डूबीं
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लोगों में दहशत, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

मीरगंज। कालागढ़ डैम से शुक्रवार को रामगंगा में 94 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से रामगंगा का जलस्तर एकाएक बढ़ गया है। नदी में उफान आने से मीरगंज और आंवला तहसील के निचले इलाकों के 30 से ज्यादा गांवों में सैकड़ों एकड़ में फसलें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ की आशंका से किसानों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने भी बाढ़ का खतरा देखते हुए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम बनाने के साथ जिले में 42 बाढ़ चौकियां बना दी हैं।
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पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से कालागढ़ बांध में पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। कालागढ़ बांध से किसी भी समय पानी छोड़े जाने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने जिले की सभी तहसीलों को अलर्ट जारी कर बाढ़ से निपटने के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को रामगंगा में 94 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से मीरगंज और आंवला तहसील क्षेत्र में रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। नदी के किनारे निचले हिस्सों में तातारपुर, कपूरपुर, हाजीपुर, मदनापुर समेत करीब 30 गांवों के किसानों की धान, गन्ना, तिल आदि की सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें पानी में समा गई। ऊपरी इलाकों में भी नदी की धार ने कटान शुरू कर दिया है। किसानों को फसलों के साथ खेत भी कटकर नदी में समाने की चिंता सताने लगी है। मीरगंज में गोरा लोकनाथपुर में रामगंगा पर चल रहे पुल के निर्माण को भी बंद कर दिया गया है। यहां बना सेतु निगम का कार्यालय पानी में पूरी तरह डूब चुका है। खेतों में पानी भरने से पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। फसलें जलमग्न हो गई हैं।
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