पिछले दिनों पड़ोस में रामपुर से आने वाले लोगों से भी उसका मिलना-जुलना हुआ था। इन सभी लोगों के साथ पड़ोस में रहने वाले झोलाछाप के साढ़ू के परिवार के लोगों की भी जांच कराई जा रही है। इंस्पेक्टर बारादरी नरेश त्यागी का कहना है कि झोलाछाप की पत्नी और बेटी के साथ ही परिवार के सभी लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
यह चकित करने के साथ-साथ एक सुखद पहलू भी है कि वह परिवार के लोगों के सबसे ज्यादा संपर्क में रहा फिर भी संक्रमण नहीं फैला। अगर ऐसा हो जाता तो इस मलिन बस्ती में सामुदायिक संक्रमण की आशंका बढ़ सकती थी। मंगलवार को पुलिस ने उस अस्पताल के स्टाफ और प्रबंधन से भी पूछताछ की जहां झोलाछाप अक्सर आता-जाता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह यहां मरीजों को रेफर करने के साथ ही कंपाउंडर का काम भी करता था। ऐसे में बड़ी संभावना इस बात की भी जताई जा रही है कि कहीं इस अस्पताल में आए किसी मरीज के संपर्क में आकर तो वह संक्रमित नहीं हुआ। हालांकि अस्पताल प्रबंधन युवक से किसी तरह के संबंधों से इनकार कर रहा है।