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पटाखा बाजारः देर रात तक होता रहा कारोबार, पुलिस करती रही मजिस्ट्रेट का इंतजार

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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डीएम ने खारिज किए आवेदन, मगर कार्रवाई को कोई नहीं पहुंचा
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बरेली। नवागत डीएम मानवेंद्र सिंह मिनी बाईपास और सौ फुटा रोड पर घनी आबादी के बीच चल रही आतिशबाजी की थोक दुकानों के लाइसेंस खारिज कर उन्हें हटवाने के आदेश जारी कर दिए। यह आदेश इज्जतनगर थाने तक पहुंच भी गया लेकिन मजिस्ट्रेट न पहुंचने के चलते शनिवार को वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बता दें कि सौ फुटा रोड और मिनी बाईपास पर पटाखा के थोक कारोबार की दर्जन भर से ज्यादा दुकानें हैं। पिछले चार साल से इन दुकानों को वहां की आबादी से शिफ्ट करने का कागजी खेल चल रहा है। दो साल इन दुकानों को कोरोना के नाम पर मौका दिया गया लेकिन इस बार मौका न देने की बात कहते हुए अधिकारियों ने फिर कार्रवाई शुरू की। 30 सितंबर से इन दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण और इन्हें हटाने को लेकर असमंजस स्थिति बनी हुई थी, जिसे डीएम मानवेंद्र सिंह ने शुक्रवार को साफ कर दिया। उन्होेंने आतिशबाजी की इन थोक दुकानों के लाइसेंस के नवीनीकरण के आवेदनों को खारिज कर दिया। साथ ही इज्जतनगर पुलिस को हटवाने के आदेश जारी कर दिए। मगर शनिवार को इस पर कोई अमल नहीं हुआ।
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सीएफओ बोले- पुलिस की जिम्मेदारी
दुकानें हटाने के बारे में शुक्रवार को सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि दुकानें हटवाने की जिम्मेदारी पुलिस की है। अब पुलिस को ही इन दुकानों पर कार्रवाई करनी है।
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इंस्पेक्टर बोले- मजिस्ट्रेट का इंतजार
पटाखा दुकानों पर कार्रवाई के बारे में जब इज्जतनगर इंस्पेक्टर संजय कुमार से धीर से बात की गई तो उनका कहना था कि दुकानें बंद कराई जाएंगी। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में यह कार्रवाई होगी। उनके न आने के चलते शनिवार को कार्रवाई नहीं हुई।
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