दरवाजा तोड़कर दिव्यांग महिला और बेटे को निकाला गया, फायर ब्रिगेड की मदद से बुझाई आग
आलमगीरीगंज के घनी आबादी वाले इलाके में हादसा, लाखों का नुकसान
बरेली। आलमगीरीगंज में पीली कोठी के पास रहने वाली दिव्यांग राधिका अग्रवाल के घर में बुधवार दोपहर आग लग गई। वह अपने मानसिक मंदित बेटे अजय अग्रवाल के साथ घर में फंस गईं। चीखपुकार सुनकर पहुंचे लोगों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया।
आलमगीरीगंज में पीली कोठी के पास राधिका अग्रवाल उर्फ राधा रानी का दो मंजिला मकान है। पति की मौत के बाद राधिका मकान की पहली मंजिल पर क्रॉकरी का काम करती हैं। बाकी हिस्सा रिहायशी है। इसमें वह अपने मानसिक मंदित बेटे अजय अग्रवाल के साथ रहती हैं। कुछ समय पहले कूल्हे में चोट लगने से राधिका बिना सहारे के चल नहीं पाती हैं। बुधवार दोपहर घर की पहली मंजिल पर बंधे तार पर पड़े कपड़ों में अचानक आग लग गई। कपड़ों के नीचे गत्ते रखे थे। लिहाजा कुछ ही देर में आग विकराल हो गई और घर के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई। गोदाम को भी चपेट में ले लिया। उस समय राधिका बेटे के साथ कमरे में थीं।
घरों से मोटर चलाकर की पानी की बौछार
पड़ोसियों ने राधिका के घर से लपटें निकलते देखकर शोर मचाया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। साथ ही अपने घरों से मोटर चलाकर आग पर पानी की बौछार शुरू कर दी। कुछ लोगों ने हिम्मत करके उनके घर का दरवाजा तोड़ दिया और बुजुर्ग राधिका अग्रवाल और उनके बेटे अजय को सकुशल बाहर निकाला। इसी बीच फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई। करीब घंटे भर बाद आग पर काबू पा लिया गया है। बताया जाता है कि आग से लाखों रुपये की क्रॉकरी व अन्य सामान जल गया। आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट के चलते हुआ।
फिर फंसी फायर ब्रिगेड, पांच सौ मीटर दूर खड़ी करके बुझाई आग
बरेली। हादसे के दौरान फायर ब्रिगेड समय पर पहुंचने के बावजूद तंग गली में नहीं जा सकी और आग बुझाने के लिए उसे मुख्य सड़क पर खड़ी करके करीब पांच सौ मीटर लंबी पाइपलाइन बिछानी पड़ी। इससे पहले भी कुतुबखाना इलाके में आग की घटनाएं लगने पर ऐसा हो चुका है।
कुतुबखाना, बड़ा बाजार, आलमगीरीगंज का पूरा इलाका ही घनी आबादी वाला है और संकरी गलियों में बसा है। इसके चलते जब भी यहां आग लगती है तो फायर ब्रिगेड मौके तक नहीं पहुंच पाती है। इस वजह से काफी लंबी पाइपलाइन बिछानी पड़ती है और पानी का प्रेशर कम होने के चलते दमकलकर्मियों को आग बुझाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ लेकिन पड़ोसियों के समय रहते घरों से पानी की बौछार करने के चलते आग पर आसानी से काबू पा लिया गया।
पूर्व में हुए हादसे
नवंबर 2021 : दिवाली की रात गली नवाबान में दीपक अरोड़ा के टैंट गोदाम एवं घर में आग लग गई। इस हादसे में उनकी पत्नी अलका अरोड़ा की मौत हो गई। यहां भी फायर ब्रिगेड को आग बुझाने के लिए करीब पांच सौ मीटर पाइप बिछाना पड़ा।
जनवरी 2019 : कटरा मानराय में प्रमोद टैक्सटाइल क्लॉथ शॉप में रात 11 बजे आग लगी थी। घनी आबादी वाले इलाके में इस घटना के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी गली संकरी होने के चलते सौ मीटर दूर ही फंस गई।
सितंबर 2019 : बड़ा बाजार की गली नवाबान में पंकज देवल और प्रदीप देवल की दुकान में आग लग गई। गली संकरी होने के चलते यहां भी दमकल वाहन को सड़क पर खड़ी करके आग बुझानी पड़ी।
दिसंबर 2018 : कुतुबखाना स्थित रहमानी मार्केट में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी तो पहुंच गई लेकिन घटनास्थल तक पानी पहुंचाने के लिए दमकल कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
अक्तूबर 2017 : शास्त्री मार्केट की मनिहारन गली में जूतों के शोरूम में भीषण आग लगी थी। आग लगने की सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड तंग रास्तों के चलते अटक गई। बमुश्किल मौके पर पानी पहुंचाया जा सका।