बरेली के महिला अस्पताल की एमसीएच (मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग के प्रथम तल पर स्थित एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में मंगलवार सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। तेज धमाकों के बीच वार्ड में धुआं भर गया, जिससे भगदड़ मच गई। वार्ड में भर्ती 11 में से पांच नवजातों को एंबुलेंस से बदायूं मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इनमें से एक नवजात ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
अफरातफरी के बीच पांच नवजातों को उनके परिजन निजी अस्पतालों में ले गए, जबकि एक को डिस्चार्ज कर दिया गया। एसएनसीयू स्टाफ के मुताबिक, सुबह साढ़े आठ बजे बरामदे में लगी फाल्स सीलिंग में शॉर्ट सर्किट होने से चिंगारी निकलने लगी। एक के बाद एक धमाके होने लगे।
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वार्ड में मौजूद स्टाफ और परिजन घबरा गए। बचाव के लिए स्टाफ ने मेन स्विच बोर्ड से एसएनसीयू और ऑपरेशन थियेटर की लाइन बंद कर दी, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हो सकी। एमसीएच विंग में दो घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा।
सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि मैं मौके पर पहुंचा तो वार्ड में धुआं भरा था। वार्ड की खिड़कियां और दरवाजे खुलवाए। बदायूं मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किए गए पांच में से एक नवजात की रास्ते में ही मौत होने की सूचना है।
एमसीएच विंग में पहले भी हो चुके हैं हादसे
वर्ष 2019 सितंबर में एमसीएच विंग की लिफ्ट भी टूट चुकी है। हादसे की वजह पांच लोगों की क्षमता वाली लिफ्ट में 20 लोगों का सवार होना था। चार गुना वजन होने से लिफ्ट रास्ते में ही खराब हो गई थी। दो घंटे तक मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर लोगों को निकाला गया था। इस हादसे में लिफ्ट ऑपरेटर जख्मी हुआ था।
अस्पताल पहुंचे अफसर, घटना की ली जानकारी
देर शाम एडीएम सिटी सौरभ दुबे, सिटी मजिस्ट्रेट रेन सिंह, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने महिला अस्पताल पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली। उधर, इमरजेंसी स्टाफ का दावा है कि मंगलवार को सिजेरियन प्रसव की तिथि नहीं थी। सीएमएस ने सिजेरियन वार्ड के लिए विकल्प के तौर पर जेनरेटर लगाने की बात कही है।