कंप्यूटर नाम के व्यक्ति को दिए 18 लाख रुपये
इन लोगों ने दाखिला फॉर्म भरवाने के साथ अन्य प्रमाणपत्र लिए और सौ फीसदी दाखिले का भरोसा दिया। वहां राकेश गुप्ता को दो लाख रुपये दिए और बरेली आ गए। 25 नवंबर को डॉ. राकेश गुप्ता के कहने पर उन्होंने सेटेलाइट बस स्टैंड पर कंप्यूटर नाम के व्यक्ति को 18 लाख रुपये दिए। इसके बाद दो दिसंबर को 15 लाख और 20 दिसंबर को 10 लाख रुपये और दिए। 45 लाख रुपये लेने के बाद दाखिले के नाम पर टालमटोल करने लगे।
कई बार पूछने पर बताया कि मैनेजमेंट कोटे का मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है। दस लाख रुपये और देने होंगे। ठगी का अहसास होने के बाद उन्होंने डॉ. राकेश गुप्ता, संदीप पाटिल, मीनाक्षी, अमन शर्मा और कंप्यूटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कैंट थाने के इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार ने बताया कि मामले में डॉ. राकेश गुप्ता, संदीप पाटिल, मीनाक्षी, अमन शर्मा और कंप्यूटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।