पीलीभीत। ग्राम पंचायत महुआ गुंदे में सीसी मार्ग निर्माण में गोलमाल किया गया। प्रधान और सचिव ने मिलकर करीब 1.91 लाख रुपये का गबन कर लिया। जांच में मामला सही पाए जाने पर डीएम ने प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। सचिव और इंजीनियर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पूरनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत महुआ गुंदे निवासी ऋषभ पांडेय ने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को शपथ पत्र देकर शिकायत की थी। इसमें ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था। डीएम ने शिकायत का संज्ञान लेकर जिला कृषि अधिकारी और जल निगम के सहायक अभियंता को जांच के आदेश दिए। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत में तीन सड़कें रामदयाल के घर से दामोदर के घर तक, रामदयाल के घर से महेंद्र और रामनरेश के घर से हीरालाल के घर तक के निर्माण में नियमों का पालन नहीं किया गया। जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बिना किसी पूर्व एस्टीमेट और प्रशासनिक स्वीकृति के कार्य शुरू कर दिए गए।
तीन अलग-अलग कार्यों के मस्टर रोल में एक ही मिस्त्री की उपस्थिति एक ही दिन में दर्ज की गई थी। पता चला कि मस्टर रोल फर्जी तरीके से तैयार किए गए। साथ ही कार्य पूरा होने के करीब चार माह बाद एमबी (माप) भरी गई। डीएम ने प्रधान रामपाल को दोषी मानते हुए उनके अधिकार सीज कर दिए। गांव के विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया है। इसके अलावा तत्कालीन सचिव सुबोध कुमार, वर्तमान सचिव पंकज आर्या और इंजीनियर आसिम अली के खिलाफ वाउचर तैयार करने और तकनीकी निरीक्षण के बिना एमबी करने के आरोप में कार्रवाई के निर्देश दिए।