बरेली। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएम-एफएमई) के 155 आवेदन अलग-अलग बैंकों में अटके हैं। अपना रोजगार स्थापित करने के लिए युवा बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। कुछ आवेदन बिना कारण बताए निरस्त कर दिए गए। इससे सरकारी योजनाओं के साथ ही युवाओं के स्वरोजगार के ख्वाब को झटका लगा है। योजना के तहत वर्ष 2024 में 384 लोगों को ऋण दिए जाने का लक्ष्य है। सितंबर के अंत में हुई समीक्षा के मुताबिक अब तक 276 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 224 ने औपचारिकताएं पूरी कीं। इनके ऋण आवेदन को बैंक भेजा गया। बैंकों ने सिर्फ 53 लोगों के ऋण को स्वीकृत किया है।
जानिए, क्या है योजना
इस योजना को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग संचालित करता है। व्यक्तिगत और साझेदारी फर्म बनाकर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने पर अधिकतम 10 लाख रुपये का अनुदान राज्य सरकार देती है। कुल परियोजना लागत का 30 फीसदी भवन पर खर्च कर सकते हैंं। कुल लागत का दस फीसदी आवेदक को खुद लगाना होता है। शेष बैंक से ऋण मिलता है। समय से किस्तें अदा करने पर ही अनुदान मिल पाता है। pmfmc.mofpi.gov.in पर लाॅगिन कर योजना के बारे में विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।
कोट
एचडीएफसी बैंक की शाखाओं में आवेदन स्वीकृत न होने से योजना की प्रगति प्रभावित हो रही है। एसडीएफसी की बैंक शाखाओं ने कई आवेदन निरस्त भी किए हैं। मैंने बातचीत की तो उन्होंने उसके कारण बताए हैं। खामियों पर चर्चा के लिए मैंने उनके जिला समन्वयक को बुलाया है। - वीके अरोरा, एलडीएम
आवेदकों के कागजात पूरे करा रहे हैं, फिर भी ऋण वितरण में देरी है। आवेदन बैंक में अटके है। तमाम आवेदन वजह बताए बिना निरस्त कर दिए गए। इसको लेकर लाभार्थी परेशान हैं। - जितेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी
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तीन बार निरस्त किया आवेदन, कारण एक बार भी नहीं बताया
भुता ब्लॉक के सहजनपुर गांव निवासी विवेक ने 30 लाख रुपये की परियोजना का खाका तैयार कराया। ऋण की उम्मीद में उद्योग की स्थापना के लिए तीन लाख रुपये लगाकर निर्माण भी करा लिया। इसमें स्पेलर, मिनी फ्लोर एवं राइस मिल लगाई जानी थी, लेकिन एसबीआई की फरीदपुर शाखा ने तीन बार आवेदन निरस्त कर दिया। विवेक ने बताया कि मेरे परिसर में जांच करने बैंक वाले आए थे। कारण बताए बिना ही आवेदन निरस्त कर दिया।
ऋण नहीं मिला तो फ्लोर मिल की जगह पर खोल दिया मुर्गी फार्म
भुता के ही गांव ख्वाजगीपुर निवासी अनीता को मिनी फ्लोर मिल लगाने के लिए 18 लाख का ऋण चाहिए था। अनीता के पति राज सिंह ने बताया कि ऋण के लिए भारतीय स्टेट बैंक की फरीदपुर शाखा को तीन बार आवेदनपत्र भेजा गया। तीनों बार बैंक ने निरस्त कर दिया। आवेदन में कोई कमी भी नहीं बताई। इससे हमारे सपने को झटका लगा है। इसीलिए हमने फ्लोर मिल लगाने का इरादा त्याग दिया। वहां पर मुर्गी फार्म खोल दिया है।
अमर उजाला ब्यूरो