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बच्चों की हत्या करने वाली जयंती से मां-बाप ने भी रिश्ता तोड़ा

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भुता के गांव मटकापुर में बंटू अपने परिवार के साथ।
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बरेली। भुता के गांव मटकापुर में अपने दो बच्चों की हत्या करने वाली जयंती से उसके मां-बाप ने भी रिश्ता तोड़ दिया। दामाद बंटू ने जयंती की मां को फोन करके घटना की जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि वह नहीं आएंगी। जयंती को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे परिवार वालों ने दोनों बच्चों के शवों को दफन कर दिया।
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भुता के गांव मटकापुर में रहने वाली जयंती बुधवार रात बच्चों को लेकर घर से चली गई। बृहस्पतिवार दोपहर वह घर लौटी तो पति बंटू गंगवार ने नाराजगी जताई। इस पर विवाद हुआ लेकिन पड़ोसियों ने मामला शांत करा दिया। रात में पति-पत्नी के बीच फिर विवाद हुआ और जयंती ने बंटू को फरसा मारकर घायल कर दिया। फिर खुद को दो वर्षीय बेटे बालकृष्ण और पांच महीने की बेटी कोमल के साथ कमरे में बंद कर दिया। वह फिर से घर छोड़कर न चली जाए, यह सोचकर बंटू कमरे में बाहर से ताला डालकर अपनी मां के पास चला गया। शुक्रवार सुबह उन लोगों ने आकर ताला खोला तो देखा कि जयंती ने दोनों बच्चे बालकृष्ण और कोमल की गला दबाकर हत्या कर दी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जयंती को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद के शुक्रवार रात दोनों बच्चों के शव गांव पहुंचे। रात भर परिवार के लोग बच्चों के शव देख-देखकर बिलखते रहे।
पति बोला- अगर मां के घर नहीं
जाता तो मुझे भी मार देती जयंती
बृहस्पतिवार रात की घटना को लेकर बंटू गंगवार अब भी भयभीत हैं। बंटू ने कहा कि जयंती ने उस पर फरसा से हमला किया तो वह बहुत डर गए थे। फिर उनकी वहां रुकने की हिम्मत नहीं पड़ी और वह उसे कमरे में बंद करके मां के पास चला गया। अगर रात में वहां रुकता तो वह उन्हें भी मार देती। बंटू ने बताया कि इस घटना के संबंध में उन्होंने फोन करके जयंती की मां को सूचना दी तो उन्होंने कहा कि जिसने अपने बच्चों को मार दिया, उससे हमारा भी कोई रिश्ता नहीं। कुछ दिन बाद वह बच्चों से मिलने आएंगी लेकिन जयंती से नहीं मिलेंगी। उसकी पैरवी भी नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि उसको फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
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