औद्योगिक गलियारे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का विरोध बढ़ रहा है। किसान एकता संघ ने रविवार को पाखुनी में महापंचायत आयोजित की। इसमें 10-11 गांवों के 300-350 किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
ग्राम प्रधान आदेश यादव कुड्डा ने कहा कि उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण हो रहा है। इसमें करीब 1,000 हेक्टेयर भूमि आ रही है। इससे किसानों की आजीविका पर संकट आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी फैक्टरी के लिए जमीन ली गई थी। लेकिन, प्रभावित परिवारों को रोजगार नहीं मिल सका। किसानों ने स्थायी नौकरी की मांग की। साथ ही कहा, अधिग्रहित भूमि वाले परिवारों के एक सदस्य को नौकरी मिले। सभी गांवों का सर्किल रेट एकसमान तय कर उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों ने दूसरी जगह जमीन खरीदने पर स्टांप शुल्क में छूट भी मांगी है।
आंदोलन की चेतावनी
रवि नागर ने कहा कि किसान एकता संघ किसानों के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ेगा। किसानों ने प्रशासन पर जबरन अधिग्रहण का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि सकारात्मक निर्णय न होने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।