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Bareilly: केसर चीनी मिल को नहीं देंगे गन्ना, किसानों का एलान, बोले- दूसरी मिलों को आंवटित हों खरीद केंद्र

Thu, 11 Sep 2025 06:25 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बहेड़ी (बरेली)

सार

बरेली के बहेड़ी में सहकारी गन्ना विकास समिति की साधारण सभा की वार्षिक बैठक हंगामेदार रही। बैठक में केसर चीनी मिल पर बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया। किसानों का प्रतिनिधित्व कर रहे बोर्ड ने केसर चीनी मिल को गन्ना न दिए जाने का एलान कर दिया। 
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बरेली सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली के बहेड़ी में सहकारी गन्ना विकास समिति की वार्षिक बैठक में बृहस्पतिवार को किसानों का प्रतिनिधित्व कर रहे बोर्ड ने केसर चीनी मिल को गन्ना सप्लाई न किए जाने का एलान कर दिया। दूसरी चीनी मिलों को गन्ना खरीद केंद्र आवंटित करने को हरी झंडी दी गई। बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने भी चीनी मिल प्रबंधन पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए किसानों से गन्ना न देने की अपील की। चीनी मिल की ओर से पक्ष रखने के लिए मिलकर गन्ना प्रबंधक मंच पर चढ़े, जिनकी किसानों ने कोई बात नहीं सुनी और उनका बहिष्कार कर दिया। 

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चीनी मिल पर किसानों का 166 करोड़ रुपये बकाया
केसर चीनी मिल पर बहेड़ी क्षेत्र के गन्ना किसानों का 166 करोड़ रुपये बकाया है। जिसको लेकर किसान लगातार आंदोलन भी कर रहे हैं। सहकारी गन्ना विकास समिति की वार्षिक साधारण सभा की बैठक में गन्ना समिति बोर्ड के अध्यक्ष, डायरेक्टर, डेलीगेट सदस्यों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने की मांग सचिव से की। इसके बाद चीनी मिल को खरीद केंद्र आवंटन को लेकर चर्चा हुई, जिसमें सभी ने एक स्वर में कहा कि मीरगंज, पीलीभीत, सितारगंज, फरीदपुर तथा बहादुरपुर की चीनी मिलों को गन्ना खरीद केंद्र आवंटित कर दिए जाएं। केसर चीनी मिल को जो गेट पर गन्ना मिलता है उसके लिए आसपास के क्षेत्र में अलग-अलग चीनी मिलों के 25 खरीद केंद्र लगाए जाएं, जिसमें वह गन्ना सप्लाई हो। 

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डेलीगेट सरदार सतनाम सिंह ने गन्ना समिति के सचिव पर छह साल से यहीं जमे रहने का आरोप लगाया। सरदार तरसेम सिंह ने गन्ना विभाग के अधिकारियों पर किसानों का शोषण कराने का आरोप लगाया। पूर्व अध्यक्ष केंद्र पाल सिंह ने कहा कि एजेंडा में जो एक से लेकर सात तक बिंदु है उनको लेकर दोबारा बैठक हो। गन्ना विभाग ने तीन दिन पहले एजेंडा तथा बैठक का निमंत्रण दिया जबकि यह 15 दिन पहले दिया जाना चाहिए था। कोरोजन दवाई के वितरण में किसानों का शोषण किए जाने का आरोप लगाया।

गन्ना समिति के डायरेक्टर चौधरी ओमवीर सिंह ने कहा कि केसर चीनी मिल करीब 10 वर्षों से किसानों को भुगतान दे पाने में सक्षम नहीं है। लिहाजा इस चीनी मिल के सभी खरीद केंद्र दूसरी चीनी मिल को आवंटित किए जाएं। पूर्व अध्यक्ष दिनेश सूर्य ने गन्ना समिति के पास पड़े लाभांश से किसानों का भुगतान करने की बात कही। गन्ना समिति के पूर्व डायरेक्टर चौधरी विनोद सिंह ने केंद्रीय मंत्री व सांसद जितिन प्रसाद को इस बैठक का निमंत्रण न दिए जाने पर हंगामा किया। बरेली सांसद को बुलाने और उनके सांसद को ना बुलाए जाने पर आपत्ति जताई।

केसर चीनी मिल प्रबंधन कर रहा गुमराह 
बैठक के समापन पर बोलते हुए बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह ने कहा कि केसर चीनी मिल प्रबंधन हमेशा किसानों को गुमराह करता रहा है। इस चीनी मिल को अब किसान गन्ना ना दें। उन्होंने कहा कि बोर्ड अपनी एक रिपोर्ट तैयार करें। गन्ना आयुक्त व शासन में उसको भेजा जाए। वह भी अपने स्तर से इसको लेकर पैरवी भी करेंगे। उन्होंने कहा कि जब दूसरी चीनी मिले गन्ना खरीद कर चीनी बनाकर बेचकर फायदा उठा रही है तो फिर केसर चीनी मिल को घाटा क्यों है। इसका मतलब चीनी मिल की नीयत ठीक नहीं है। 

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सांसद बोले, चीनी मिल की मुड़िया मुकर्रम पुर की साढ़े 14 हेक्टेयर जमीन की नीलामी हो रही है। उन्होंने एसडीएम से कह दिया है कि यह नीलामी होकर रहेगी। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग तथा प्रशासन के जरिए उन्होंने हाईकोर्ट में कैबियेट पहले से डलवा दी है ताकि चीनी मिल प्रबंधन इस नीलामी में रोड़ा ना लगा पाए। 

इधर इसी बीच केसर चीनी मिल के महाप्रबंधक रविंद्र सिंह मंच पर चलें और उन्होंने कहा कि अक्टूबर के मध्य तक 100 करोड़ का भुगतान हो जाएगा जिस पर किसानों ने हंगामा कर दिया। मिल प्रबंधन पर झूठ बोलने के आरोप लगाए और उनका बहिष्कार कर दिया। अंत में गन्ना समिति के अध्यक्ष राजू गंगवार ने बैठक समापन की घोषणा की। 
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बैठक में क्षेत्रीय सांसद और विधायक को होना चाहिए था- छत्रपाल 
बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह ने कहा कि इस बैठक में किसानों के भविष्य पर चिंतन हो रहा है। लिहाजा इस बैठक में सांसद जितिन प्रसाद और विधायक अताउर रहमान को रहना चाहिए था। फिर उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर पीलीभीत बहेड़ी के सांसद जितिन प्रसाद दिल्ली में व्यस्त थे। उनकी मुलाकात वहां हुई थी लेकिन बहेड़ी के विधायक क्यों नहीं आए, क्या उनको किसानों से कोई सरोकार नहीं है। 

इसी बीच पूर्व अध्यक्ष केंद्र पाल सिंह ने बैठक का निमंत्रण विधायक को न पहुंचने की बात कही जिसको लेकर बरेली के सांसद और पूर्व अध्यक्ष के बीच बहस होने लगी। सांसद ने पूर्व अध्यक्ष से कहा कि जब उन्हें समय से निमंत्रण मिल गया तो फिर ऐसा हो ही नहीं सकता कि विधायक को निमंत्रण ना मिला हो। सांसद ने क्षेत्रीय विधायक पर जमकर वार किए। 

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