क्या है मान्यता
पंडित मुकेश मिश्रा बताते हैं कि गरुड़ पुराण में बताया गया है कि अगर दाह संस्कार के बाद अस्थियों को विसर्जित नहीं किया जाता है तो मृतक की आत्मा भटकती रहती है। आत्मा अपने वंशजों को के लिए परेशानियां उत्पन्न करती है।
मान्यता है कि गंगा में अस्थि विसर्जन करने पर मृतक की आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है। जो लोग अपने पूर्वजों की अस्थियों को गंगा में विसर्जित करते हैं, उन पर पूर्वजों के साथ-साथ भगवान विष्णु की कृपा बरसती है।