शादी के बाद फराह ने अपना नाम भी बदल लिया। शादी के बाद दोनों ने थाने पहुंचकर पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। फराह ने बताया कि प्रेम-प्रसंग की जानकारी होने पर परिजन दूसरी जगह शादी का दबाव बना रहे थे। मना करने पर पिटाई की जाती। कई बार जान से मारने की धमकी भी दी।
तीन तलाक के डर से बदला धर्म
फराह ने बताया कि हिंदू धर्म में महिलाओं का सम्मान है। यहां किसी कुरीति का सामना नहीं करना पड़ता है। तीन तलाक और हलाला जैसी रस्मों को लेकर वह बचपन से ही डरी रहती थी।
दोनों बालिग हैं। मर्जी से उन्होंने शादी की है। उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। दंपती को परेशान करने वालों पर कार्रवाई होगी। - गौरव सिंह, सीओ फरीदपुर