बरेली। पुराने वाहनों को स्क्रैपिंग रजिस्ट्रेशन कर काटा जाएगा। भारत सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद स्क्रैप के लिए यूपी में सुविधा केंद्र खोलने की स्वीकृति दे दी गई है। आरटीओ अफसरों के मुताबिक पुरानी गाड़ियों को बतौर कबाड़ बेचने के लिए सुविधा केंद्रों पर संपर्क करना होगा। सुविधा केंद्रों से गाड़ी मालिकों को पुराने वाहनों को बेचने के संबंध में जरूरी जानकारी भी दी जाएगी।
सुविधा केंद्र खोलने की राज्य परिवहन निगम ने स्वीकृति दे दी है। स्क्रैप नीति के तहत 20 साल पूरे कर चुके निजी वाहन, 15 साल पूरे करने वाले व्यावसायिक वाहनों के अलावा तीन बार फिटनेस टेस्ट में फेल होने वाले वाहनों को भी बतौर स्क्रैप कटवाया जाएगा। ऐसा न करने वाले वाहनों का एक अप्रैल से पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
स्क्रैप नीति के मुताबिक कबाड़ हो चुकी गाड़ी की कुल कीमत का छह फीसद पैसा नकद दिया जाएगा। प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा जिसे पत्र दिखाने पर नए वाहन की खरीद पर कीमत में पांच और टैक्स में 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी। संवाद