बरेली। सनातन धर्म अपनाने के बाद लक्ष्मी बनी मैजबीन ने कट्टरपंथियों से अपनी और अपने पति की जान-माल को खतरा बताया था। उसे फतेहगंज पश्चिमी के वन स्टॉप सेंटर पर ठहराया गया था। इसी दौरान बड़ी संख्या में कट्टरपंथी वहां एकत्र हो गए और सेंटर को घेर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा बढ़ता गया। कट्टरपंथियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं।
लक्ष्मी को सीजेएम की अदालत में पेश किया गया था। वहां 164 के बयान में लक्ष्मी ने विशाल सक्सेना के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की। शाम पांच बजे शीशगढ़ थाना पुलिस ने हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों की उपस्थिति में लक्ष्मी को विशाल सक्सेना की सुपुर्दगी में दे दिया। नव दंपती को हिंदूवादी संगठनों की सुरक्षा में अज्ञात स्थान के लिए रवाना किया गया। इस पूरे प्रकरण में आचार्य केके शंखधार ने सभी संगठनों का नेतृत्व किया। पुलिस और नव दंपती ने आचार्य शंखधार का आभार जताया।
वन स्टॉप सेंटर प्रभारी माधुरी ने बताया कि युवती के परिवार के लोग आ गए थे। पुलिस को बुलाकर परिजनों को समझाकर वापस भेज दिया गया। हंगामे जैसी कोई बात नहीं है। सीओ हाईवे शिवम आशुतोष ने बताया कि युवती को कोई खतरा नहीं है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।