बरेली। एग्जाम के तनाव में दसवीं की छात्रा ने जहर खाकर जान दे दी। पैर में फ्रैक्चर के कारण उसकी तैयारी ठीक से नहीं हो पाई थी। वह बार-बार कहती भी थी कि पास नहीं हो पाऊंगी लेकिन घरवालों ने ध्यान नहीं दिया। 18 फरवरी से छात्रा की परीक्षा शुरू हो रही थी।
सुभाषनगर इलाके के शांति विहार निवासी मुकेश कुमार सिंह एक दुकान पर नौकरी करते हैं। उनकी 15 वर्षीय बेटी महिमा सिंह शांति विहार स्थित सत्योदय हायर सेकेंड्री स्कूल में कक्षा दस में पढ़ती थी। महिमा ने रविवार शाम छह बजे घर में रखी गेहूं में डालने वाली जहरीली दवा खा ली। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। छात्रा को मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार सुबह पांच बजे उपचार के दौरान महिमा ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों ने छात्रा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पिता मुकेश ने बताया कि महिमा का पिछले साल 20 जनवरी को छत से गिरकर पैर टूट गया था। आपरेशन कर डॉक्टरों ने रॉड डाली थी, जिसकी वजह से वह ठीक से चल नहीं पाती थी और दर्द भी रहता था। महिमा ने पिछले साल कक्षा नौ तो जैसे तैसे करके पास कर लिया। इसके बाद उसका दसवीं में दाखिला कराया गया। 18 फरवरी से उसकी बोर्ड परीक्षा होनी थी। जिसकी तैयारी वह ठीक से नहीं कर पाई थी और वह तनाव में रहती थी। इसी वजह से उसने खुदकुशी कर ली। छात्रा की मौत से उसकी मां प्रियंका बदहवास हो गई है।