बरेली। त्रिशूल एयरबेस के आसपास की अवैध कालोनियों के बाशिंदे सर्वे के खिलाफ विरोध पर उतर आए हैं। गायत्री नगर में अवैध निर्माण को चिह्नित करने के लिए सर्वे करने गए बीडीए जेई से भीड़ ने धक्का-मुक्की की और फीता छीनकर काम करने से रोक दिया। महिलाओं ने हंगामा करते हुए सर्वे टीम को वापस जाने का दबाव बनाया। अफसरों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस की मदद से मामला सुलझाया। इसके बाद सर्वे का काम आगे बढ़ सका।
पठानकोट पर आतंकियों के हमले के बाद त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा की दृष्टि से आस-पास की छह कालोनियों को खतरा माना जा रहा है। प्रशासन की सख्ती के बाद बीडीए की तीन टीमें पीरबहोड़ा, कंजादासपुर, परतापुर और गायत्री नगर में अवैध निर्माण का सर्वे कर रही हैं। सोमवार टीम नंबर तीन के जेई शिव कुमार, आरपी खरे, एसपी पाल, मानचित्रकार अशोक जोशी और वीरेंद्र सिंह गायत्री नगर में सर्वे कर रहे थे। अचानक वहां भीड़ जमा हो गई और लोग मकानों के सर्वे का विरोध करने लगे। जेई एसपी पाल से भीड़ की नोकझोंक और धक्का मुक्की की। महिलाओं ने जेई से फीता छीन लिया। स्टाफ ने डिप्टी सेक्रेटरी को सूचना दी। डिप्टी सेक्रेटरी अजय कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया, तब काम आगे बढ़ा।
450 से ज्यादा अवैध निर्माण चिह्नित
डिप्टी सेक्रेटरी ने बताया कि बीडीए की टीमों ने परतापुर का सर्वे पूरा कर लिया है। यहां दो सौ से ज्यादा अवैध निर्माण और खाली प्लाट मिले हैं, जिन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। कंजादासपुर में आधे से ज्यादा घरों का सर्वे बाकी बचा है। अब तक 450 अवैध निर्माण और खाली प्लान चिह्नित किए हैं। नैनीताल गेट की कालोनियों का सर्वे राजस्व टीम करेगी। नौ फरवरी तक सर्वे पूरा करना है। 10 फरवरी को सर्वे की आख्या रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी।