जिला पंचायत बोर्ड की 19 मार्च को स्थगित बैठक शुक्रवार को पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार के संरक्षण में सब कुछ सैट होने के अंदाज में हो गई। पिछले वित्तीय वर्ष का संशोधित और नए वित्तीय वर्ष का बजट बिना किसी शोरशराबे के चुपचाप पास हो गया। किसी एक सदस्य ने इस पर सवाल नहीं उठाया। जबकि इसी बजट को आधार बनाकर पिछली बैठक में कई सदस्यों ने जमकर होहल्ला किया था। सुबह ठीक 11 बजे शुरू होकर एक घंटे चली बैठक में अध्यक्ष संजय सिंह तो चुप ही बैठे रहे, उनकी ओर से पूरी तरह से गंगवार ही मोर्चा संभाले दिखाई दिए। लगा कि सबकुछ पहले से ही सैट था। उसी अंदाज में बजट भी हवा में पास कर दिया गया।
बैठक में पहुंचते ही भगवत सरन ने सदन की कार्रवाई शुरू करा दी। एजेंडे के 10 बिंदुओं में वित्तीय वर्ष 2015-16 का संशोधित बजट और नए वित्तीय वर्ष 2016-17 का मूल बजट बिना किसी आपत्ति या कोई एक सवाल उठे बिना सदन में पास होते पल भर नहीं लगा। एक-एक बिंदु पर चर्चा करके प्रस्ताव पूरा एजेंडा आधा घंटे में निपटा दिया गया लेकिन किसी भी सदस्य ने कोई आपत्ति नहीं की। हालांकि कुछ सदस्यों ने जिला स्तरीय अधिकारियों के बैठक में न आने पर नाराजगी जरूर जताई। बिजली, वन, बेसिक शिक्षा, प्रोबेशन, समाज कल्याण विभाग के अफसर बैठक से नदारद रहे। इसको लेकर सदन में अफसरोें को चेतावनी देने का प्रस्ताव पास हुआ। सुधीर यादव और ममता गंगवार ने जिला पंचायत की ओर से टैक्स की आरसी जारी करने पर आपत्ति उठाई। कहा कि गरीब लोगों पर 10 से 15 साल पुराने बकाए की आरसी जारी कर दी गई है। यह भी कहा कि कई गलत आरसी जारी कर दी गई हैं। उनकी जांच कराने और इसके साथ ही 10 हजार से कम टैक्स वालों की आरसी स्थगित करने का निर्णय हुआ। क्यारा ब्लाक प्रमुख चौधरी डीपी सिंह ने 14 वें वित्त और राज्य वित्त से जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत को कोई पैसा न मिलने के नियम का मुद्दा रखते हुए सदन से इसके लिए सरकार को मांग भेजने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सहमति बनी।
काफी देरी से पहुंचे शहजिल
बोर्ड की बैठक में भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम शुरू होने के लगभग 45 मिनट बाद पहुंचे। तब तक एजेंडे पर चर्चा खत्म हो चुकी थी और बैठक समाप्ति की ओर थी। कुछ मुस्लिम सदस्यों ने जुमे की नमाज के लिए जल्द से जल्द बैठक खत्म करने की मांग रखी तो शहजिल ने कहा कि आइंदा से बोर्ड की बैठक शुक्रवार को न रखी जाए। इस पर उनके बगल में बैठे भगवत सरन गंगवार बोले- इसका निर्णय पहले ही हो चुका है। ब्लाक प्रमुख वफाउररहमान ने यह मांग पहले ही उठा दी थी। इसे सदन ने पास भी कर दिया।
सवा सात करोड़ राजस्व घाटे का बजट-
जिला पंचायत बोर्ड ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष के लिए लगभग 7.12 करोड़ राजस्व घाटे का बजट प्रस्तुत किया है।
यह पास हुआ बजट-
0 वर्ष 2015-16 का पुनरीक्षित बजट-
आय- 32 करोड़ 89 लाख 30 हजार
व्यय- 43 करोड़ 41 लाख 66 हजार
0 वर्ष 2016-17 का मूल बजट-
आय- 25 करोड़ 76 लाख 65 हजार
व्यय- 25 करोड़ 71 लाख 85 हजार
प्रारंभिक और अंतिम शेष- 5 करोड़ 5 लाख 73 हजार 17 रुपये
विरोध करने वाले कहां खो गए
पिछली बैठक में सपा खेमे के जिन सदस्यों ने जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में हंगामा और बहिष्कार किया था, जिसके चलते बैठक स्थगित हो गई थी, वे सदस्य शुक्रवार को हुई बैठक से नदारद रहे। बैठक में सारे लोगों की निगाहें सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव गुट के इन सदस्यों को टटोल रही थीं। उनके भतीजे आलमपुर जाफराबाद ब्लाक के प्रमुख आदेश सिंह गुड्डू और जिला पंचायत सदस्य विनोद यादव नहीं आए। वहीं, कार्ययोजना के लिए बसपा के नौ सदस्यों से प्रस्ताव न लेने के मुद्दे पर बैठक में हंगामे के आसार थे। बसपा जिलाध्यक्ष राजेश सागर ने इसका ऐलान किया था लेकिन अप्रत्याशित तौर पर राजेश समेत बसपा के कई सदस्य बैठक में नहीं पहुंचे। नीतू सागर तब पहुंचीं जब बैठक खत्म हो चुकी थी। इसके चलते समझा जा रहा है कि अध्यक्ष संजय सिंह ने सबको सैट कर लिया। कई करोड़ रुपये खर्च करके जिला पंचायत के अध्यक्ष बने संजय सिंह ने कैसे विरोधियों को साध लिया, यह रहस्य बनकर सामने आया है। सदन में भी गूंज रहा था कि क्या कमीशन पर सबकुछ सैट हो गया। यह तो साफ नहीं हुआ है कि विरोधियों से क्या वायदे किए गए लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष के 11 करोड़ रुपये के कामों का भुगतान अभी होना है। इसके कमीशन की चर्चा हवा में तैरने लगी है।
भगवत ने आलोचना की
19 मार्च की बैठक में हंगामा करने की पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने सदन में निंदा की। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में जो हुआ वह सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं है। बोले- सदन की गरिमा बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। सबको ध्यान रखना होगा कि आगे से सदन में ऐसा आचरण न होने पाए।
अध्यक्ष को पावर का प्रस्ताव
बैठक में एक सदस्य ने सारे सदस्यों के सम्मुख अध्यक्ष को अपनी सारी पावर देने का प्रस्ताव रखा। कहा कि आगे के लिए ऐसा करने से कामों में तेजी आ जाएगी लेकिन एक अन्य सदस्य ने उस पर असहमति जता दी, जिसके बाद इस पर कोई चर्चा नहीं हो सकी।
ये प्रस्ताव पास हुए
-कुतुबखाना स्थित बैंकों की जिला पंचायत बिल्डिंग के जर्जर भवन को पीडब्लूडी से निष्प्रायोजित कराकर नया भवन बनवाया जाएगा।
-जिला पंचायत के क्षतिग्रस्त सभागार का नया भवन बनाया जाएगा।
-बहेड़ी, फरीदपुर, नवाबगंज, जगतपुर, श्यामगंज और जिला पंचायत कार्यालय प्रांगण में निर्मित दुकानों के ऊपरी भाग पर नवीन भवन का निर्माण कराकरा बैंकों और व्यवसायिक गोदामों को किराए पर दिया जाएगा। सेंथल के हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहरी भाग में दुकानों का निर्माण कराकर किराए पर उठाया जाएगा।
-10 हजार से कम टैक्स वालों की आरसी स्टे की जाएगी।
-बहेड़ी ब्लाक के ग्वारी ग्राम पंचायत सदस्य रामप्रसाद के इस्तीफे का प्रस्ताव।
-प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य को 20-20 हैंडपंप शासन से मांगने का प्रस्ताव।
ये प्रस्ताव निरस्त हुए-
-प्रदेश के पंचायती राज मंत्री से प्राप्त कुछ सड़कों के निर्माण कार्य के प्रस्ताव।
-पीलीभीत की सांसद मेनका गांधी की ओर से बहेड़ी के दो गांव में सड़कों के प्रस्ताव।