प्रदेश सरकार में खेल सलाहकार डॉ. अनुराग भदौरिया कहते हैं कि विकसित देश में स्पोर्ट्स हमेशा नंबर एक पर रहा है इसलिए खेल को आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री खुद गंभीर हैं। जितना इस सरकार ने खेल को लेकर काम किया है उतना किसी ने नहीं। जिलों में ग्राउंड बनाने का काम जल्द ही शुरू होगा। लोगों को खेलने की जगह मिलेगी। ग्राउंड भले ही छोटा हो, लेकिन कुछ न कुछ तो खेलेंगे ही।
गुरुवार को डोरी लाल अग्रवाल स्पोर्ट्स स्टेडियम में बीएल एग्रो बैडमिंटन टूर्नामेंट के शुभारंभ में पहुंचे डॉ. भदौरिया ने कहा कि सरकार ने ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की राशि बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दी है। द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता को पेंशन दी जाएगी। लखनऊ को स्पोर्ट्स सिटी बनाया। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले कोच बहुत कम थे, लेकिन अब हमने तीन गुना अधिक कोच की भर्ती की है। बच्चों को आगे बढ़ाना है उनको स्टेडियम तक लाना होगा। कई योजनाएं चल रही हैं। आईजीसीएल भी एक है। स्कूली खेलों पर सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि स्कूलाें में अवार्ड विनर कोच लाने का विचार चल रहा है। अभी कई कोच ऐसे हैं जो खुद नहीं खेलते वे बच्चाें को क्या खिलाएंगे। जिस तरह से प्रदेश भर में खेल को लेकर एक्टिविटी हो रही है उससे एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री खुद बल्ला लेकर मैदान में उतरे हैं इससे उनकी गंभीरता समझी जा सकती है। महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए हॉकी व क्रिकेट लखनऊ में बड़ा आयोजन हो चुका है। आईजीसीएल अब महिलाआें का भी होगा। उनको अलग से प्राथमिकता दी जाएगी।