बरेली। विद्युत निगम के कर्मचारी मुख्य अभियंंता के बचाव में उतर आए हैं। उन्होंने लिखित तौर पर कहा है कि घटना उनके सामने की है। मुख्य अभियंता ने कोई अभद्रता नहीं की थी। यह शिकायत उनके खिलाफ सोची-समझी साजिश है।
दरअसल विद्युत निगम के कर्मचारियों के नाम से कई जगह ई-मेल के जरिये शिकायत की गई है। इसमें मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश पर कार्यकारी सहायक माया को सार्वजनिक रूप से डांटने का आरोप लगाया है। इससे वह बेहोश हो गई थीं।
अब मुख्य अभियंता कार्यालय के कर्मचारियों ने लिखित तौर पर बयान जारी किया है कि घटना 12 सितंबर की है। कार्यकारी सहायक माया ने कार्यालय आकर कार्य का भार अधिक होने की बात कही थी। इस पर मुख्य अभियंता ने कर्मचारियों के सामने ही माया को काम बांटने का आश्वासन दिया था। उन्होंने न तो किसी कर्मचारी को डांटा, न ही अभद्रता की है। बयान देने वालों में अनुज कुमार सक्सेना, अंकित शर्मा, चंद्रकांत सिंह, प्रदीप भारती, वसुंधरा राघव, जहांगीर अख्तर व अनीता आदि कर्मचारी शामिल हैं।
शुक्रवार दोपहर के मामले को रविवार को तूल दिया जाना भी संदेह पैदा कर रहा है। इस बीच सोमवार से ही कार्यकारी सहायक माया पांच दिनों की छुट्टी पर चली गई हैं। उनसे बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। संवाद